बहराइच। जिले के एकमात्र दिव्यांग विद्यालय के संस्थापक एवं बहराइच जिले के प्रथम देहदानी स्वर्गीय सरदार अजीत सिंह की नवी पुण्यतिथि बाबा सुंदर सिंह बधिर विद्यालय तथा बाबा सुंदर सिंह टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बहराइच में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों ने स्वर्गीय सरदार अजीत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके द्वारा दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं सेवा के लिए किए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में सहज पाठ की समाप्ति के उपरांत सुखमणी साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने सरदार अजीत सिंह के जीवन, समाजसेवा और मानवता के प्रति समर्पण को नमन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को लंगर वितरित किया गया।

वहीं, बाबा सुंदर सिंह टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षुओं द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भंडारे का आयोजन भी किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ. बलमीत कौर, सरदार गुरविंदर सिंह, विजय बहादुर गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, सत्येंद्र निगम, सतिंदर कौर, हरवीर कौर, ज्ञानी विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे, प्रशिक्षु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सरदार अजीत सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन दिव्यांग बच्चों के शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने न केवल समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि जीवन के अंतिम क्षणों में भी देहदान कर मानवता की सेवा का सर्वोच्च संदेश दिया। उनका जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
