परशुराम जयन्ती के अवसर पर सनातन ब्राह्मण समाज ने किया विचार गोष्ठी

शैलेंद्र यादव,  सीतापुर
सीतापुर। सनातन ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जयन्ती के अवसर पर स्थानीय बट्सगंज स्थित राम जानकी मंदिर में भगवन परशुराम के चित्र एवं फरसा को स्थापित कर भगवन परशुराम के जयकारों के साथ मंगलवार की सुबह से ही पूजन-अर्चन व धार्मिक अनुष्ठान का सिलसिला प्रारंभ कर दिया ।

पुरोहित छोटे लाल तिवारी द्वारा भगवान परशुराम का पूजन संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को करवाते हुए सभी पदाधिकारियो के माथे पर चंदन का टीका लगाया। ततपश्चात विचार गोष्ठी के दौरान वहा पर उपस्थित सभी ब्राह्मणो ने भगवन परशुराम के वक्तित्त्व एवं कृतित्व पर चर्चा की ।

संचालन आकाश राय ने की। गोष्ठी के दौरान शिव बालक त्रिवेदी ने कहा भगवन परशुराम जन्म समय में छह ग्रह उच्च के होने से वे तेजस्वी, ओजस्वी, वर्चस्वी महापुरुष थे। प्राणी मात्र का हित ही उनका सर्वोपरि लक्ष्य था। रामदत्त मिश्रा ने कहा भगवन परशुराम के सहृदयी और दानशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब उन्होंने अश्वमेघ यज्ञ किया और पूरी दुनिया को जीत लिया।

उसके बाद संपूर्ण धरा का दान कर दिया और खुद महेन्द्र पर्वत चले गए। अजय त्रिवेदी ने कहा भगवान परशुराम ने अराजकता समाप्त करने के लिए पहले सहस्त्रार्जुन और बाद में उसके वंश का समूल नाश किया। न्याय के खातिर उन्होंने यह किया। रत्नेश द्विवेदी ने कहा परशु प्रतीक है शौर्य  व ताकत का, राम प्रतीक है मर्यादा, सत्य-सनातन व धर्म का, उसी तरह परशुराम शास्त्र व शस्त्र का अनुठा संगम हैं। विशम्भर दयाल तिवारी ने कहा भगवान परशुराम श्री विष्णु के आवेशावतार थे  शिव-धनुष भंग, लक्ष्मण विवाद या कर्ण को श्राप देते समय भी सही सिद्ध होती है। इसके साथ साथ वहा पर उपस्थित सभी ब्राह्मणो ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला। अंत में सभी भक्त जनो को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में रत्नेश द्विवेदी, आकाश राय, विशम्भर दयाल तिवारी, सचिन त्रिपाठी, सुधांशु मिश्रा, आशीष शुक्ला, शिव बालक त्रिवेदी, विजय अवस्थी, अजय त्रिवेदी, सचिन त्रिवेदी, राजीव शुक्ला, आशीष शुक्ला, उमा शंकर मिश्रा, डॉ संतोष त्रिपाठी, डॉ वीरेंद्र आर्य, मैकू समेत काफी संख्या में ब्राहमण समाज के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।

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