सुल्तानपुर के इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले और शोधार्थी राजेश्वर जी की पुस्तक “सुल्तानपुर : इतिहास की झलक ” को पढ़ना और पास रखना चाहते हैं : राजखन्ना
राजखन्ना, वरिष्ठ पत्रकार सुलतानपुर। कुछ भूलने लगे हैं। आंखों की क्षीण रोशनी ने भी समेटा है। पर स्मृति कोष के कपाट खुलते हैं तो आंखें चमकती हैं। चेहरे पर उत्साह की लकीरें खिंचती है और उम्र की झुर्रियां खो जाती हैं। फिर सुल्तानपुर के अतीत के भूले-बिसरे पन्नों पर रोशनी बिखेरते चले जाते हैं। हर पहलू को समेटते। कोशल राज के कुशपुर, कुशावती से होते … Continue reading सुल्तानपुर के इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले और शोधार्थी राजेश्वर जी की पुस्तक “सुल्तानपुर : इतिहास की झलक ” को पढ़ना और पास रखना चाहते हैं : राजखन्ना
