पिसावां (सीतापुर) बच्चों की पढ़ाई के लिए पाई-पाई खर्च कर दिया ताकि उसके सपने पूरे हो सके।
बेटे के बारे में राजेश गुप्ता कहते हैं उसके सपने को साकार करना ही मेरे जीवन का लक्ष्य है। 575 अंक लाकर टॉप टेन की लिस्ट में दूसरे नम्बर पर आने वाले दिव्यांश का सपना फाइटर पायलट बनने का है। वह देश की सेवा करना चाहता है। हालांकि माता-पिता बेटे के रिजल्ट से काफी खुश हैं। वे कहते हैं कि बेटे ने परिवार के साथ-साथ जिले का नाम भी रोशन किया है।
राजेश बताते हैं कि उनका बेटा बचपन से मेधावी था। शिक्षकों से हमेशा तारीफ सुनने को मिली। उसे शुरू से ही अच्छे नंबर मिलते थे। उम्मीद थी कि बेटा कुछ न कुछ जरूर बड़ा करेगा। राजेश गुप्ता का कहना है कि किसी तरह किराना की दुकान करके दो बच्चों को पाला हूं। रेनू गुप्ता बताती हैं हमारे घर के हालात भले खराब रहे हों लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए हमने पाई पाई खर्च कर दिया है ताकि उसके सपने साकार हो सकें।
बेटा अधिकारी बन जाएगा तो सारे दुख दूर हो जाएंगे
घर की हालात के बारे में बताते-बताते माता पिता भावुक हो जाते हैं। वे कहते हैं कि बेटा एक दिन अधिकारी बन जाएगा तो सारे दुख दूर हो जाएंगे। पूरे परिवार की चिंता दूर हो जाएगी। मां कहती हैं कि बेटे की पढ़ाई में पैसा बाधा न बन सके ताकि बच्चों को कभी किसी चीज की कमी न हो। हमने काफी गरीबी से बच्चों को पाला है लेकिन एक की चाहत है कि बच्चों के सुनहरे भविष्य को देख सकूं।
दिव्यांश का कहना है कि लखनऊ पब्लिक स्कूल की वजह से ही टॉपर बन सका हूं। स्कूल का माहौल ही ऐसा है कि जिससे बच्चों में हमेशा पढ़ने का उत्साह बना रहता है। ग्रुप डिस्कशन से सवालों को कई तरह से हल करने के तरीके मिलते हैं। यही वजह है कि सिमुलतला में पढ़ने वाले ज्यादा बच्चों को अच्छे नंबर प्राप्त होते हैं।
रिपोर्ट- अरुण शर्मा
