बिसवां, सीतापुर। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन पंजीकृत के जिला अध्यक्ष सिराज अहमद के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकारों ने ‘मांग दिवस’ के क्रम में पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर. को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित 6 सूत्री मांगों वाले ज्ञापन में कहा गया है कि आधुनिक पत्रकारिता में मीडिया स्वामित्व के केंद्रीकरण, नियामक ढांचे, डिजिटल माध्यमों से होने वाली आय तथा पत्रकारिता की नैतिक कार्यप्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों की व्यापक समीक्षा के लिए नए मीडिया आयोग का तत्काल गठन किया जाना आवश्यक है।
देशभर में पत्रकारों को लगातार विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें शारीरिक हिंसा, दुर्भावनापूर्ण मुकदमे तथा डिजिटल उत्पीड़न प्रमुख हैं। पत्रकारों और समाचार संस्थानों की शारीरिक सुरक्षा तथा कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष केंद्रीय कानून बनाया जाए, ताकि पत्रकार बिना भय अथवा प्रतिशोध की आशंका के अपने लोकतांत्रिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
नए श्रम कानूनों के कारण पत्रकारों की नौकरी की सुरक्षा, सेवा शर्तों और शिकायत निवारण से जुड़े विशेष कानूनी अधिकार प्रभावित हुए हैं। पत्रकार-विशेष कानूनों के तहत उपलब्ध इन अधिकारों और कानूनी संरक्षण को पुनः बहाल किया जाए। मजीठिया वेतन बोर्ड का गठन वर्ष 2007 में हुआ था और इसके बाद लगभग दो दशक बीत चुके हैं। अन्य क्षेत्रों में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर वेतन में संशोधन किए गए हैं, जबकि पत्रकारों और गैर-पत्रकार मीडिया कर्मचारियों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
अतः पत्रकारों एवं गैर-पत्रकार मीडिया कर्मचारियों की वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई तथा जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए नए वेतन बोर्ड का गठन किया जाना आवश्यक है। पत्रकारों के विरुद्ध बिना जांच किए कोई अपराध पंजीकृत न हो और न ही तत्काल गिरफ्तारी की जाए। समाचार संकलन के समय दुर्घटनाग्रस्त अथवा मारे गए पत्रकारों के लिए प्रदेश सरकार एक निश्चित मुआवजा निर्धारित करे।
उक्त अवसर पर आरएन सिंह, आरके सिंह, हरिशंकर गुप्ता, अतुल त्रिवेदी, वहाजुद्दीन गौरी, संतोष कुमार कठेरिया, अनुज श्रीवास्तव, इमादुद्दीन गौरी, हिफाजतुल्लाह, अनवर अली सिद्दीकी, श्रीवास्तव, मिसबाहुद्दीन, अमित जायसवाल, फहीम जामई, पंकज भारती, जितेंद्र कुमार मिश्रा के अलावा संगठन के दर्जनों पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पत्रकारों की मौजूदगी रही।
