आईना संगठन के द्वारा दिव्य और भव्य भंडारा का आयोजन संपन्न

लखनऊ: सामाजिक एवं धार्मिक सरोकारों के लिए सदैव अग्रणी रहने वाले आईना संगठन के तत्वावधान में दिव्य एवं भव्य भंडारे का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

भंडारे का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना एवं भगवान के स्मरण के साथ किया गया। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, डॉक्टर कामरान के अनुसार पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं अनेक पत्रकारों ने आगंतुकों का आत्मीय स्वागत किया तथा पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।

आईना संगठन के पदाधिकारियों में मुख्य रूप से अजय वर्मा, परमजीत सिंह, अनिल तिवारी, अजय सोनकर, ज्ञानी त्रिवेदी, अरुण मिश्रा और हिमांशु भटनागरने कहा कि समाज सेवा, आपसी भाईचारा एवं मानवता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और भंडारे जैसे आयोजन समाज में प्रेम, सौहार्द एवं एकता का संदेश देते हैं।

भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं स्वादिष्ट प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों सहित सभी लोगों ने रात्रि के 8 बजे तक प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और लोगों ने संगठन की सेवा भावना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आईना संगठन के सभी पदाधिकारियों और पत्रकारों, की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईना संगठन के द्वारा आयोजित भंडारे में किसी भी व्यक्ति को मुख्य अतिथि न बनाकर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की गई। संगठन ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि सेवा और मानवता से बड़ा कोई पद या सम्मान नहीं होता। वहीं दूसरी ओर अनाथ बच्चों को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित कर एक नई और संवेदनशील परंपरा की शुरुआत की गई। भंडारे में उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उन्हें सम्मान दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में प्रेम, अपनत्व और मानव सेवा की भावना को मजबूत करने वाला एक भावनात्मक एवं प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

इस आयोजन की सबसे विशेष बात लोगों का अपार स्नेह और श्रद्धा रही। दोपहर से प्रारंभ हुआ प्रसाद वितरण रात्रि 8:00 बजे तक निरंतर चलता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया तथा अपने परिजनों के लिए भी प्रसाद साथ लेकर गए। अंत में आईना संगठन की ओर से गुरुमीत कौर की ओर से सभी आगंतुकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित में कार्य करते रहने का संकल्प लिया गया।

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