अयोध्या। राम जानकी साहू जायसवाल मंदिर परिसर में मंदिर के स्वामित्व एवं कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस संबंध में मंदिर के पदाधिकारियों एवं साहू-जायसवाल समाज के लोगों की एक बैठक दंत धवन कुंड निकट आयोजित की गई, जिसमें मंदिर को खाली कराए जाने की मांग को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने कहा कि राम जानकी साहू जायसवाल मंदिर का निर्माण उनके पूर्वजों द्वारा कराया गया था और यह समाज की धार्मिक एवं सामाजिक आस्था का केंद्र है। समाज के लोगों का आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व छात्र के रूप में मंदिर परिसर में रहने आए अर्पित पांडे उर्फ इंद्रेश्वर वर्तमान में मंदिर परिसर पर कब्जा किए हुए हैं और उसे खाली नहीं कर रहे हैं। इस मंदिर के कार्यवाहक अध्यक्ष राम बहादुर साहू ने कहा कि यह मंदिर साहू-जायसवाल समाज की संपत्ति है तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन एवं ठहरने के लिए आते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थिति के कारण समाज के लोगों को मंदिर में आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समाज के महामंत्री राम किशोर ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर मंदिर को समाज के सुपुर्द कराया जाए। बैठक में उपस्थित लोगों ने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी तथा अन्य उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
