लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मजदूर दिवस) के अवसर पर राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेश पाल धनगर ने बैठक की अध्यक्षता की।कार्यक्रम में प्रदेश एवं जनपद स्तर के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रमिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक के दौरान श्रमिकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, विशेषकर बाल श्रम उन्मूलन, न्यूनतम मजदूरी के प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके सम्मानजनक जीवन स्तर को सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर इन मुद्दों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने एवं आवश्यक होने पर संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया।बैठक के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए त्रिलोक त्यागी ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो देश के भविष्य को प्रभावित करती है। इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताबें होनी चाहिए, ताकि वे शिक्षित होकर देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बाल श्रम के विरुद्ध कड़े कदम उठाए जाएं और इसके उन्मूलन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।त्यागी ने आगे कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे किसी भी मजदूर का शोषण न हो सके। उन्होंने कहा कि आज भी कई स्थानों पर श्रमिकों को उनका उचित पारिश्रमिक नहीं मिल पाता, जो अत्यंत चिंताजनक है। इसके लिए प्रशासन को जवाबदेह बनाना होगा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।उन्होंने अपने संबोधन में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए और ऐसे कानून बनाए, जिनसे आज भी किसानों एवं श्रमिकों को उनके अधिकार मिल रहे हैं। राष्ट्रीय लोक दल उनके सिद्धांतों और विचारों को आगे बढ़ाते हुए किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई निरंतर लड़ता रहेगा।इस अवसर पर वक्ताओं ने श्रमिकों के हित में सरकार से विभिन्न मांगें भी रखीं, जिनमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार, श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा की बेहतर व्यवस्था तथा रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने की मांग प्रमुख रही।
कार्यक्रम के अंत में श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेश पाल धनगर ने सभी उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल दुबे, राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल, प्रोफेशनल मंच के प्रदेश अध्यक्ष अंबुज पटेल, छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अमन पाण्डेय, प्रदेश महासचिव रमावती तिवारी, प्रीति श्रीवास्तव, चंद्रकांत अवस्थी, राघवेन्द्र प्रताप यादव, प्रदेश सचिव अफसर अली, प्रमोद शुक्ला, श्रम प्रकोष्ठ के रमेश कश्यप, आशाराम राज, प्रबोध तिवारी, शिवकुमार, हरीश, सोनवीर, मुलायम सिंह धरमपुरिया, सुमन देवी, आशा चौहान आदि लोग उपस्थित थे।
