सदमें में परिवार, मौज में सरकार : कोतवाली बनी अपराधियों की पनाहगाह
एक कहावत आपने सुनी होगी, “जब सैयां भये कोतवाल, फिर डर काहे का ?” इस पूरे के पूरे गाने (कहावत) जो कि पूर्णतः काल्पनिक है को पूर्णतः चरितार्थ रायबरेली पुलिस की सदर कोतवाली कर रही है. गौरतलब है कि बीते 18 जून 2021 की रात में रायबरेली शहर से लगे गाँव पडरी गणेशपुर में एक महिला के घर कुछ हथियार बंद नकाबपोश बदमाशों ने डाका … Continue reading सदमें में परिवार, मौज में सरकार : कोतवाली बनी अपराधियों की पनाहगाह
