संसार मे विभिन्न विचारो के लोग विद्यमान है- शोभित
जीवन मे, संसार मे, भाव मे, भाव विहीन में, समय से, समय से बाहर, मतलब से, बिना मतलव के, अपने से, या गैरो से, बात और भाव विभिन्न विचारो के प्रस्फुटन का कारण और फिर शोभित चिंन्तन उसका निवारण होता है। निवारण भी है क्या। निवारण मात्र यह कि हम अपने को देख पाए, समझ पाए, जीवन के व्यतीत पलों से कुछ समझ पाए। संसार … Continue reading संसार मे विभिन्न विचारो के लोग विद्यमान है- शोभित
