मुखालफत से मेरी शख्सियत संवरती है, दुश्मनों का मैं बहुत एहतराम करता हूं: शोभित
शोभित चिंन्तन पुराने गानों की लाइनों से जोड़ते हुए संसार को समझने का प्रयास को समझते हुए। ये दिल तुम बिन कहीं लगता नही हम क्या करें। मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज न होना कि तुम मेरी जिंदगी हो, कि तुम मेरी बन्दगी हो। जीवन संचालन के लिए ईश्वर ने जन्म बचपन युवा होते और बृद्ध होते हुए की व्यवस्था को बनाया है। … Continue reading मुखालफत से मेरी शख्सियत संवरती है, दुश्मनों का मैं बहुत एहतराम करता हूं: शोभित
