ईद-उल-अजहा पर विशेष : साहिबे हैसीयत पर लाजिम है कुर्बानी
कुर्बानी के दिनों में कुर्बानी से अफजल अमल कोई नहीं रियासत अली सिद्दीकीईद-उल-अजहा हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और उनके बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम की यादगार है। ज़कात और फित्रा की तरह क़ुर्बानी भी एक माली इबादत है। (जो मालदारों पर वाजिब है) और हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत भी है। जो इस उम्मत के लिए (हमेशा) बाकी रखी गई है। खास जानवर को मख़सूस दिनो और … Continue reading ईद-उल-अजहा पर विशेष : साहिबे हैसीयत पर लाजिम है कुर्बानी
