दसवीं मोहर्रम पर विशेष: यौमे आशूरा की अहमियत व फजीलत
रियासत अली सिद्दीकी रामकोट/सीतापुर। इस्लामी नुक्ते नजर से योमे आशूरा की बड़ी फजीलत बयान की गई है। वैसे तो मुहर्रम-उल-हराम का पूरा महीना ही अहमियत का हामिल है। लेकिन खास तौर से योमे आशूरा की और ज्यादा फजीलत है। योमे आशूरा मोहर्रम की दसवीं तारीख को कहते हैं। मुहर्रम के महीने की इस्लाम में बड़ी फजीलत बयान की गई है। इसलिए इस महीने के रोजो … Continue reading दसवीं मोहर्रम पर विशेष: यौमे आशूरा की अहमियत व फजीलत
