भाजयुमो द्वारा यंग इंडिया रन अभियान के अंतर्गत मैराथन दौड़ का आयोजन

सीतापुर: आज भारतीय जनता युवा मोर्चा सीतापुर द्वारा यंग इंडिया रन अभियान के अंतर्गत मैराथन दौड़ का आयोजन भाजयुमो जिला अध्यक्ष सचिन मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया जिसमें जिले के सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीतापुर सदर के विधायक एवं राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु उपस्थित रहे, विशिष्ट अतिथि के रूप में मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव एवं भाजपा … Continue reading भाजयुमो द्वारा यंग इंडिया रन अभियान के अंतर्गत मैराथन दौड़ का आयोजन

हम अपने को जहाज का सफल कैप्टन साबित कर पाए यही उस ईश्वर से प्रार्थना है: शोभित

डैडी पिक्चर का गाना है.. आइना फिर मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे,मेरे अपने मेरे होने की निशानी मांगे। सारा दिन दौड़ भाग में निकल गया। शोभित चिंन्तन क्या और क्या सोचे। दिमाग का खपड्ड ही काम नही कर रहा। शोभित टण्डन जिस कब्जा हुए गीता मन्दिर को कब्जे से छुड़ाए। उसकी कब्जा हुई जमीन को आज भूमाफियों और गुंडों के माध्यम से कब्जा किये … Continue reading हम अपने को जहाज का सफल कैप्टन साबित कर पाए यही उस ईश्वर से प्रार्थना है: शोभित

इंसान कठपुतली की तरह नाच रहा है, न चाहते हुए भी रिश्तों को ढोने के लिए विवश है : शोभित

जीवन एहसास और मुखनन्स लोगो के बीच रचा तिलिस्म है। जिसमे मुस्कराहटों के साथ आह भी जुड़ी होती है। आज के शोभित चिंन्तन के स्टेस्टस में हमने लिखा भी है आज 28 सितम्बर को। किसी के प्रति एहसास की मौजूदगी उसके स्नेह की मानक होती है, एहसास से शून्य होने पर उसका महत्व भी लगभग खत्म हो जाता है। हमारी पोस्ट में बातों में सभी … Continue reading इंसान कठपुतली की तरह नाच रहा है, न चाहते हुए भी रिश्तों को ढोने के लिए विवश है : शोभित

मुखालफत से मेरी शख्सियत संवरती है, दुश्मनों का मैं बहुत एहतराम करता हूं: शोभित

शोभित चिंन्तन पुराने गानों की लाइनों से जोड़ते हुए संसार को समझने का प्रयास को समझते हुए। ये दिल तुम बिन कहीं लगता नही हम क्या करें। मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज न होना कि तुम मेरी जिंदगी हो, कि तुम मेरी बन्दगी हो। जीवन संचालन के लिए ईश्वर ने जन्म बचपन युवा होते और बृद्ध होते हुए की व्यवस्था को बनाया है। … Continue reading मुखालफत से मेरी शख्सियत संवरती है, दुश्मनों का मैं बहुत एहतराम करता हूं: शोभित

हद टपे तो औलिया, बेहद टपे तो पीर, हद बेहद दोनों टपे वाकौ नाम फकीर : शोभित

आज शोभित चिंन्तन एक गंभीर विषय पर। विषय वह जिस पर खुल कर बोलना और लिखना शायद मर्यादा की सीमा से बाहर होता है। लेकिन विषय अत्यंत गम्भीर है इसे समंझना, जागरूक होना और अपने बच्चो को साथियों को सचेत करना जरूरी है। मेरे विचारो को पढ़ते हैं, उनसे अनुरोध भी है चाहे तो इसे अग्रसारित करे जिससे जागरूकता बढ़ सके। अभी एक पीठाधीश्वर की … Continue reading हद टपे तो औलिया, बेहद टपे तो पीर, हद बेहद दोनों टपे वाकौ नाम फकीर : शोभित