इंसान कठपुतली की तरह नाच रहा है, न चाहते हुए भी रिश्तों को ढोने के लिए विवश है : शोभित
जीवन एहसास और मुखनन्स लोगो के बीच रचा तिलिस्म है। जिसमे मुस्कराहटों के साथ आह भी जुड़ी होती है। आज के शोभित चिंन्तन के स्टेस्टस में हमने लिखा भी है आज 28 सितम्बर को। किसी के प्रति एहसास की मौजूदगी उसके स्नेह की मानक होती है, एहसास से शून्य होने पर उसका महत्व भी लगभग खत्म हो जाता है। हमारी पोस्ट में बातों में सभी … Continue reading इंसान कठपुतली की तरह नाच रहा है, न चाहते हुए भी रिश्तों को ढोने के लिए विवश है : शोभित
