आधा दर्जन के करीब संचालित हो रहे बिना चिकित्सक के हॉस्पिटल
कुरावली/मैनपुरी। कस्वा में बिना चिकित्सक के संचालित हॉस्पिटलों पर कार्रवाई होना अब बहुत जरुरी हो गया है। क्यों कि इन अवैध हॉस्पिटलों की बजह से कई प्रसूता काल के गाल में जा चुकी है। कई लोगो की दुनिया ही बर्बाद हो चुकी है। लेकिन अवैध रुप से संचालित हॉस्पिटलों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्यों कि इनका संचालन करने वालों को मोटी रकम पहले ही मिल जाती है।कुरावली में घिरोर रोड नहर पुल के पास सहित अन्य स्थानों पर कुकरमुत्तों की भांति हॉस्पिटलों का संचालन होता है। पूरी कुरावली में आधा दर्जन के करीब हॉस्पिटल का संचालन होता है। अगर देखा जाए तो एक या दो हॉस्पिटल के पास चिकित्सक मौजूद मिलेंगे, अन्यथा बाकी हॉस्पिटल बिना चिकित्सक के ही संचालित हो रहे है। ये हॉस्पिटल किसी चिकित्सक के कागजात लगाकर पंजीकरण तो आसानी से प्राप्त कर लेते है। लेकिन जब चिकित्सक की जरुरत पड़ेगी, तब चिकित्सक हॉस्पिटल के आसपास मौजूद नहीं मिलेंगे। ऐसे हॉस्पिटलों गांव देहात की दाई का काम करने वाली प्रसव कराती है ऐसी हालत में प्रसूता की मौत हो जाती है।*क्या स्वास्थ्य विभाग कर रहा गुमराह?
कुरावली के किसी भी हॉस्पिटल में जब जब किसी प्रसूता की मौत हुई है। तब तब स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के तौर पर हॉस्पिटल के अंदर ओटी और लेबर रुम को सील किया है। कुछ समय के बाद यहीं नहीं मालूम पड़ता कि ओटी कब खुल गई और लेबर रुम कब खुल गया। यह किसी मालूम नहीं पड़ता है।
क्या बोले उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री
मैनपुरी के कुरावली में अवैध रुप से संचालित हॉस्पिटलों के बारे जानकारी नहीं है। अगर उन हॉस्पिटलों में प्रसूता की मौत हुई है। तो इसकी पूरी डिटेल मिलने के बाद मैनपुरी स्वास्थ्य विभाग से जानकारी की जाएगी। अगर इन हॉस्पिटलों पर कार्रवाई नहीं हुई है तो इन कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- बृजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ।
क्या बोले सीएमओ मैनपुरी
कुरावली में संचालित कुछ हॉस्पिटल संचालको पंजीकरण के लिए कागजात पेश किए है। अगर पंजीकरण वाले चिकित्सक हॉस्पिटल में मौजूद नहीं मिलेंगे तो कार्रवाई के तौर हॉस्पिटल को सील कराया जाएगा। अवैध रुप से हॉस्पिटल का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।- डॉ. रमेश चन्द्र गुप्ता, सीएमओ मैनपुरी।
