मोदी सरकार ने जन हित में काम किए, तो बड़े नेताओ को क्यूं भटकना पड़ रहा दर दर: पिंदर सिंह सिद्धू

सीतापुर: किसान नेता व चालक संघ अध्यक्ष पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि 13 महीने किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन किया प्रधानमंत्री जी आए और देश से माफी मांगी उसके बाद MSP गारंटी कानून और किसानों के ऊपर चल रहे हैं मुकदमा को वापस लेने का वादा 2022 में किया था, एमपी छत्तीसगढ़ राजस्थान में किसानों को 125 रुपया राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया जा रहा है तो उत्तर प्रदेश के किसानों को क्यों नहीं, 2024 का लोकसभा चुनाव आ गया लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।

समर्थकों के साथ किसान नेता व चालक संघ अध्यक्ष पिंदर सिंह सिद्धू

उधर दूसरी तरफ 5 महीने पहले चालकों के लिए नया कानून लेकर आ गए जिसमें सरकार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया की जो भी लोग एक्सीडेंट के समय पीड़ित को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाएंगे तो उनको 10 साल की सजा और 7 लाख जुर्माना हो सकता है, साथ ही सेना भर्ती में देश के नौजवानों के साथ खिलवाड़ किया देश की सेवा करने वाले लोगों को अग्नि वीर बना दिया और 4 साल सेवा करने की बात कही जो कि अभी भी लागू है, पढ़े लिखे लड़के लड़कियों ने 10 सालों में कई बार सरकारी भर्तियां आई उनमे फॉर्म भरे लेकिन कोई भी सरकारी भर्ती कामयाब नहीं हुई क्योंकि हर बार पेपर लीक हो जाता है। अगर आपको भर्ती करना ही नहीं था तो पेपर क्यों करवाए, 400-500 किलोमीटर से दूर जाकर युवक युवतियों ने पेपर का इम्तिहान दिया जिसमें उनके हजारों रुपए खर्च हुए और अब उनकी उम्र भी बढ़ती जा रही है नौकरी के नाम पर सिर्फ उनको ठगा गया पार्टी अभी तक उनके वोट बटोर रही। सहारा पीड़ितों को भी 10 साल हो गए लड़ाई लड़ते-लड़ते, सरकार के आधीन सेबी है और सेबी के पास जब सहारा का पैसा है तो जमा कर्ताओं को पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा। यह सवाल सहारा पीड़ितों का है तो किस मुंह से भारतीय जनता पार्टी के लोग शहर पीड़ितों से वोट मांगेंगे, अब वोट की चोट से सभी पीड़ित बीजेपी को सबक सिखाएंगे, हम सब संगठन के लोग जब भी लोगों की मदद करते हैं सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं तो सरकार दबाव बनाकर हम सब पर झूठे मुकदमे भी लिखवा देती है संगठन के अध्यक्ष होने के नाते कई मुकदमे हम पर लिखे हुए जिसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार है, हम सब पर किए गए अत्याचारों का अंजाम चुनाव में भुगतने को तैयार रहे।

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