कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया किसान दिवस का आयोजन।

अधिकारियों ने सुनी किसानों की शिकायतें, प्राथमिकता पर निस्तारण का मिला आश्वासन

वृक्षारोपण महाभियान के अन्तर्गत किसानों को वितरित किए गए सहजन के पौधे।

सीतापुर: सहजन का वृक्ष, प्रकृति का अनुपम वरदान है, आयुर्वेद के अनुसार सहजन वृक्ष के जड़, तना, पत्ती, फूल फल और छाल सभी उपयोगी हैं। इसकी पत्तियों में असाधारण रूप से पोषक तत्वों की उपलब्धता इसे दूध के समान उपयोगी बनाती है। सहजन की पत्तियों को छाँव में सुखाते हुए इसका पाउडर बनाकर बच्चों के आहार में सम्मिलित किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सकता है क्योंकि इस प्रकार तैयार पत्तियों के चूर्ण की दो चम्मच मात्रा में लगभग आधा लीटर दूध के समान पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह चूर्ण स्वादहीन होने के कारण किसी भी भोज्य पदार्थ में आसानी से मिलाया जा सकता है।

किसान भाइयों को अपने खेत की मेड़ों अथवा अपनी किसी भी रिक्त भूमि पर सहजन का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। जिला विकास अधिकारी हरिश्चंद्र प्रजापति द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस की बैठक में किसान भाइयों से सहजन के महत्व के बारें में बताते हुए उक्त अपील की गयी। उप कृषि निदेशक सीतापुर द्वारा किसान भाइयों को मोटे अनाजों की खेती हेतु प्रोत्साहित करते हुए बताया गया कि मोटे अनाजों की खेती अन्य फसलों की तुलना में कम समय तथा कम लागत में की जा सकती है आज पूरा विश्व मोटे अनाजों के पोषण गुणों से परिचित हो रहा है जिससे आने वाले समय में इनकी तेजी से मांग बढ़ेगी। किसान भाइयों को इस सुअवसर का लाभ उठाना चाहिए तथा मोटे अनाजों की खेती को भी महत्व देना चाहिए।

किसान दिवस की बैठक के उपरांत जिला विकास अधिकारी द्वारा किसानों को सहजन के पौधे भी वितरित किए गए। इससे पूर्व किसानों द्वारा उपस्थित अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, जिसको एक सप्ताह में निस्तारित किए जाने के निर्देश जिला विकास अधिकारी महोदय द्वारा दिए गए। किसान दिवस की बैठक में जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वरिष्ठ मण्डी विपणन निरीक्षक द्वारा फसलों के जी0आई0 टैग के महत्व के विषय में जानकारी दी गयी तथा उपस्थित अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा किसानों के लिए चलायी जा रही योजनाओं से अवगत कराया गया।

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