अमन शांति व हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ईद

रियासत अली सिद्दीकी (विशेष संवाददाता)
रामकोट-सीतापुर। सोमवार को चांद रात के बाद रामकोट कस्बा सहित क्षेत्र भर में मंगलवार की सुबह ईद की खुशियां बिखरीं। सोमवार की शाम चांद के दीदार की तस्दीक हो जाने के बाद ईद के नमाज के लिए लोग खुशी से झूम उठे और ईद-उल-फ़ित्र (ईद) का माहौल बनने लगा, जो मंगलवार के दिन और भी खुशनुमा हो गया। ईदगाह और मस्जिदों में हजारों लोगों ने ईद की नमाज अदा की। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के साथ सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर ईद की खुशियां बांटीं।

मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े त्योहार ईद-उल-फ़ित्र पर मंगलवार को सुबह से ही ईद के जश्न की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। नए-नए कपड़े और टोपी पहनकर रोजेदार बच्चे बुजुर्ग नौजवान सभी ईदगाह में जुटने लगे थे। बीते कोरोना काल के बाद सामूहिक रूप से इस बार ईदगाह परिसर में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने नमाज अदा की 8:30 बजे रामकोट कस्बे की ईदगाह में हाफिज जलील अहमद ने व रामकोट कस्बे की जामा मस्जिद में कारी असलम कुरैशी ने 6:15 बजे मुस्लिम कौम के हजारो लोगों को नमाज अदा कराई। नमाज़ के बाद अमन-ओ-अमान भाईचारे, प्यार मोहब्बत, मुल्क में अमन व शांति, रहमत वाली बारिश की दुआ कराई। ईदगाह और मस्जिद के भीतर और बाहर सड़क पर जुटे लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, सभी ने एक दूसरे के साथ बैठकर नमाज पढ़ी। नमाज के बाद ‘ईद मुबारक कहकर सभी एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दिया। सभी संप्रदायों के लोगों के साथ यहां पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी गले मिलकर ईद की खुशियां बांटीं। देश के अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआए मांगी।

गौरतलब है कि मुस्लमान रमज़ान उल-मुबारक के एक महीने रोजा रखने के बाद ख़ुशी का त्यौहार मनाते हैं। जिसे ईद-उल-फ़ित्र यानी ईद कहा जाता है। इसलामी कैलंडर के सभी महीनों की तरह यह भी नए चाँद के दिखने पर शुरू होता है। मुसलमानों का त्योहार ईद मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है। इस त्योहार को सभी आपस में मिल कर मनाते है और खुदा से सुख-शांति और बरक्कत और खुशहाली के लिए दुआएं मांगते हैं। पूरी दुनिया में ईद की खुशी पूरे हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाती है। नए कपड़ों में इत्र की खुशबू बिखेरते बच्चें, युवा और बुजुर्गों में गजब का उत्साह देखा गया। नमाज अदा होते ही बधाइयों और मंह मीठा कराने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। रोज खाली रहने वाला रामकोट क़स्बे का ईदगाह मंगलवार को पूरी तरह से भरा नजर आया। नमाज के समय 8:30 बजे से पूर्व ही लोग ईदगाह पहुंचने लगे थे। ईदगाह परिसर में रामकोट पुलिस की व्यापक तैनाती थी। ईदगाह परिसर में मौजूद ग्राम प्रधान रामनिवास पप्पू वर्मा ने लोगों को गले लगाकर ईद की बधाई दी।
सेवइयों की मिठास लेने को हर कोई आतुर दिखा। सबसे ज्यादा खुशी छोटे बच्चों में देखने को मिली। बच्चों में ईद से ज्यादा नए कपड़े को लेकर उत्साहित दिखें।

सेवई के साथ दिनभर दावत का दौर चलता रहा

ईद की नमाज के बाद सभी बड़े-छोटे व युवा कब्रिस्तान पहुंचे। कब्रिस्तानों में अपने-अपने खानदान के मरहूमों की कब्र पर फातिहा पढ़ी और मरहूमों की मगफिरत की दुआ मांगी। कब्रिस्तान से घर लौटने के बाद सेवइयों और दावतों का सिलसिला शुरू हुआ। घरों में आए मेहमानों को सेवइयां परोसे गए। लोग घर-घर जाकर ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला रात तक चलता रहा।

ईद पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा

ईद को लेकर रामकोट पुलिस प्रशासन पूरी तरह सर्तक दिखी, मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर पुलिस बल के जवान तैनात दिखाई दिए।

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