डीजीपी के आदेश को भी नहीं मानते पुलिसकर्मी,कैमरा आईडी रुपये छीनने का आरोप

रायबरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के मुखिया डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने भले ही पत्रकारों के सम्मान सम्मान में पुलिस विभाग को निर्देश दिया था कि आगामी समय में पुलिस पत्रकारों का सम्मान करें अगर आपके थाने पर पत्रकार आए तो उनका स्वागत करें इसी के साथ पत्रकारों पर शांति भंग जैसी कार्रवाई ना करें अगर किसी पत्रकार को असुरक्षित महसूस होता है तो उसे सुरक्षा का एहसास भी कराया जाए परंतु प्रदेश के आम जनमानस में यह बात भले ही पहुंच गई हो लेकिन पुलिस विभाग के पुलिसकर्मियों के कान में शायद डीजीपी की यह बात नही पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार मामला डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के कुटिया चौराहे पर लगभग 8:00 बजे मार्ग दुर्घटना की सूचना मिलने पर एक हिंदी दैनिक अखबार के पत्रकार ने मौके पर पहुंचकर सूचना प्राप्त करने लगे तभी प्रत्यक्ष दर्शियो ने बताया कि इस घटना की सूचना डायल हंड्रेड पुलिस को दिए हुए लगभग 2 घंटे से ऊपर हो गए लेकिन अभी तक घटनास्थल पर एक होमगार्ड तक नजर नहीं आया। घायलों की फोटो लेने के दौरान मौके पर डायल हंड्रेड पीआरवी 1765 पहुंच गई इस दौरान मौजूद लोग पुलिस के विरुद्ध आक्रोशित होने लगे इसी दौरान कैमरे का फ्लैश जैसे ही चमका डायल हंड्रेड के सिपाही ने झटपट पत्रकार का कैमरा छीन लिया और पत्रकार के साथ गाली गलौज कर अभद्रता करने लगे। हद तो तब हो गई जब डायल हंड्रेड के पुलिसकर्मियों ने पत्रकार के पास रखें 935 रूपये व आईडी कार्ड, मोबाइल छीन लिया। ऐसा नहीं है कि यह सब कारनामा डायल हंड्रेड के कर्मचारियों द्वारा किया गया जबकि इस समस्त घटना के दौरान डलमऊ कोतवाली पुलिस के दीवान मौजूद थे परंतु उन्होंने नशे में धुत डायल हंड्रेड के पुलिसकर्मियों को यह बताना मुनासिब नहीं समझा कि जिसके साथ हुआ अभद्रता कर रहे हैं वह एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार हैं।

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