सीतापुर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मधु अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरूवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कोविड -19 टीकाकरण के लिए गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग” विषय पर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा स्वास्थ्य विभाग सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस मौके पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डी के सिंह ने कहा- गर्भावस्था से कोविड संक्रमण का खतरा नहीं बढ़ता है | अधिकांश गर्भवतियों में बहुत कम या लक्षण रहित कोविड संक्रमण होता है- लेकिन कुछ मामलों में तबियत बहुत तेजी से बिगड़ सकती है जिससे गर्भस्थ शिशु को खतरा हो सकता है | इसलिए गर्भवती को कोविड का टीका लगवाना चाहिए | कोविड का टीकाकरण गर्भवती के लिए पूरी तरह सुरक्षित है | यह सन्देश सभी गर्भवती और समुदाय तक पहुंचाना है |
डॉ डी के सिंह ने कहा – समुदाय में लोगों को जागरूक करें कि गर्भवती अपना कोविड का टीकाकरण अवश्य कराये क्योंकि अभी नवजात, बच्चों के लिए कोई टीका नहीं आया है | साथ ही ऐसी गर्भवती जिनकी आयु 35 वर्ष से अधिक है या उच्च रक्तचाप या डायबिटीज से पीड़ित हैं या मोटापे से ग्रसित हैं या जिनमे पहले से क्लोटिंग की समस्या है उनमें कोविड संक्रमण के बाद जटिलताएं होने की सम्भावना ज्यादा होती है |
डा.डी के सिंह ने कहा- कोविड-19 से संकमित होने का जोखिम उन्हें है जो बाहरी लोगों के सम्पर्क में ज्यादा आते हैं, या ऐसे समुदाय में रहते हैं जहाँ कोविड-19 की संक्रमण दर ज्यादा है | जो लोग भीड़ भाड़ वाले घर में रहकर दो गज की सामाजिक दूरी का पालन न कर पायें | इसके अलावा जो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता या फ्रंटलाइन वर्कर हो |
इस मौके पर डब्लूएचओ की सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डा. अपूर्वा चौहान ने कहा – समुदाय और गर्भवती को आपको यह विश्वास दिलाना है कि अन्य टीके की तरह कोविड का टीका लगने के बाद हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे टीका लगने वाली जगह पर दर्द होना, हल्का बुखार या एक से तीन दिन तक अस्वस्थ महसूस होना | ऐसा महसूस होने पर आप डाक्टर से संपर्क करें | यदि टीका लगने के 20 दिन के अन्दर भी कोई दिक्कत महसूस होती है तो भी चिकित्सक से संपर्क करें | डा. अपूर्वा ने बताया- यदि कोई गर्भवती कोविड-19 से संक्रमित हो जाती है तो वह प्रसव के तुरंत बाद कोविड का टीका लगवा सकती है | यह टीका सरकारी स्वास्थ्यकेन्द्र पर पूर्णतया निःशुल्क उपलब्ध है | टीका लगवाने के लिए गर्भवती को कोविन एप पर या कोविड -19 टीकाकरण केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराना है | गर्भवती के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया अन्य सामान्य जनता के समान ही है |
ज़िला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राज कुमार ने कहा कि गर्भवती या सामान्य जनता को यह टीकाकरण के बाद यह संदेश अवश्य दें कि खतरा अभी टला नही है | टीका लगने के बाद भी मास्क लगाना, दो गज की शारीरिक दूरी का पालना और बार-बार साबुन पानी से हाथ धोना है | इस मौके पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, यूनिसेफ, कोर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे | ज़िले पर प्राप्त प्रशिक्षण अधिकारी अपने अपने ब्लॉक में फ्रंट लाइन हैल्थ केयर और वैक्सीनेटर को प्रशिक्षित करेगे ।
