महंत धर्मदास ने की ट्रस्ट को भंग करने की तत्काल मांग
बोले- मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे, आरोपी गिरफ्तार हों
महंत धर्मदास ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए
अयोध्या। श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र जमीन की खरीद पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही ट्रस्ट को भंग करके पूरे प्रकरण की जांच कराने व दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने को कहा है।
ट्रस्ट ने 300 करोड़ की लागत से 50 संपत्तियां खरीदी
हनुमानगढ़ी स्थित अपने आश्रम पर आज महंत धर्मदास ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने करीब 300 करोड़ की लागत से 50 संपत्तियों की खरीद की है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जानी चाहिए, अन्यथा वह सर्वोच्च न्यायालय में इस प्रकरण को जनहित में रखेंगे।
उन्होंने इस मामले में गवाह और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के खातों की जांच कर उन्हें भी जेल भेजने की मांग की है व कहा कि भगवान की संपत्ति का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा बंदरबांट किया जा रहा है। अब चंपत राय को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। महंत धर्मदास यहीं नहीं रुके, उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर लोगों के साथ धोखा करने व मंदिर निर्माण के नाम पर लूट करने का आरोप लगाया और पूरे प्रकरण की सक्षम एजेंसी द्वारा गहनता से जांच किए जाने की मांग बार-बार दोहराया।
लूट करने के मकसद से संतों को ट्रस्ट से हटाया गया: धर्मदास
अयोध्या। धर्मदास ने कहा कि उनके गुरु बाबा अभिराम दास ने श्री रामजन्म भूमि की लड़ाई श्री राम लला के प्राकटय सन 1949 से ही लड़ी। अब ट्रस्ट मंदिर पर न्यायालय का फैसला आने के बाद संतों को किनारे कर अपनी मनमानी कर रहा है। ऐसे लोगों के मुखिया चंपतराय बन बैठे हैं। संतों को ट्रस्ट से किनारे करने का एक मात्र मकसद लूट व कमीशनबाजी करना था और वह हो रही है। जिसकी जांच नहीं हुई तो करोड़ों राम भक्तों का अरबों रुपए कहां जाएगा, ये कहना मुश्किल है।
जान ले ये है पूरा मामला:
पूर्व सपा मंंत्री पवन पाण्डेय ने सबसे पहले लगाए थे आरोप:
अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर सवाल उठाए गए हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
उनका आरोप था कि दो करोड़ रुपए में बैनामा कराई गई जमीन को 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया। पवन ने पूरे मामले में दस्तावेज पेश करते हुए इसकी जांच CBI से कराने की मांग की थी। हालांकि बाद में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने एक पत्र जारी कर आरोपों को खंडन किया था।
बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च, 2021 को किया गया
अयोध्या। पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने बताया था कि यह भूमि सदर तहसील क्षेत्र के बाग बिजैसी में स्थित है। जो राम मंदिर से एक किमी दूर है। जिसका क्षेत्रफल 12 हजार 80 वर्ग मीटर है। यह भूमि रवि मोहन तिवारी व सुल्तान अंसारी के नाम बैनामा हुई थी। ठीक 10 मिनट बाद इसी भूमि का ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के नाम 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया जाता है। बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च, 2021 को किया गया।
आरोप है कि बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट में ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्र और नगर निगम के भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह हैं। उन्होंने आरटीजीएस की गई 17 करोड़ रुपए धनराशि की जांच कराने की मांग की है। कहा है कि यह धनराशि कहां-कहां गई इसका पता लगाया जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सुल्तान अंसारी ने दी सफ़ाई: ट्रस्ट को जमीन विक्रेता सुल्तान अंसारी ने कहा कि हमने उचित रेट पर जमीन दिया है। यह भूमि हमने बहुत पूर्व हरीश पाठक से लिया था। आज इसका रेट बहुत है चूंकि यह धार्मिक कार्य था। अतः कम रेट पर भूमि दिया गया है। राजनेता गलत ब्यानबाजी कर रहे है। इस मसले पर गन्दी राजनीति अब नही होनी चाहिए।
