सामाजिक संगठन ” मंडल – आर्मी ” के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिरूद्ध सिंह विद्रोही द्वारा शिकायत पत्र के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग में माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक , ट्वीटर , इंस्टाग्राम द्वारा ओबीसी समाज के सामाजिक संगठन व एक्टविसटों के हैंडलो को वेरीफाई न करने का जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है ।
गौरतलब हो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेरीफाईड यूज़र महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं , वेरीफाईड यूजर्स के द्वारा उठाए गए मुद्दे को शासन – प्रशासन से लेकर जनता में भी विश्वसनीयता के साथ प्रतिक्रिया देखने को मिलती है । इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि बहुत से सामाजिक अत्याचार , अन्याय और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को सोशल मीडिया ने उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है ।
राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए संज्ञान मे लेकर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखकर 15 दिन के अंदर जवाब तलब करने का निर्देश दिया है । एक अन्य सवाल के जवाब मे अनिरूद्ध विद्रोही ने बताया कि भारतीय जनगणना के अनुसार देश मे हम 52 % आबादी बहुसंख्यक मे आते है फिर भी हर जगह हमारे ओबीसी समाज का प्रतिनिधित्व नाम मात्र है , आने वाले समय मे हमारा संगठन सामाजिक , राजनीतिक व सरकारी उपेक्षा के बिरूद्ध ओबीसी मे आने वाले सभी धर्म व जातियों के लोगों के इंसाफ के लिए संवैधानिक दायरे से माँग करेगी ।


