नौकरी से निकाले गये गन्ना पर्यवेक्षको ने दी आमरण अनशन की चेतावनी।

आइएसजीएस कंपनी के नोडल अधिकारी पर लगाया आरोप, भर्ती में घोर लापरवाही व बरती गई अनियमतायें l

बस्ती/मुंडेरवा: मुंडेरवा चीनी मिल में गत दों वर्ष से कार्यरत दर्जनों गन्ना पर्यवेक्षक बिना कारण के उनको पद से कार्य मुक्त कर दिया गया है जिससे पूर्व में कार्यरत गन्ना पर्यवेक्षक परेशान है ।गन्ना पर्यवेक्षकों ने इस आशय का शिकायती पत्र प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, प्रबंध निदेशक, गन्ना मंत्री ,व प्रधान प्रबंधक के नाम भेजे पत्र में पुन: पद पर बहाल किए जाने की मांग करते हुए नए चयन में व्यापक पैमाने पर अनियमितता व घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं इस वैश्विक महामारी के समय गन्ना पर्यवेक्षक हटाए जाने से काफी आहत हैं। और पर्यवेक्षकों नें यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनको बहाल नहीं किया गया तो वह चीनी मिल में आमरण अनशन करेंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

बताते चलें कि चीनी मिल मुंडेरवा में कार्यरत दर्जनों गन्ना पर्यवेक्षकों को दों साल तक कार्य करने के बावजूद भी उनके पद से हटा दिया गया । गन्ना पर्यवेक्षक क्रमशः अनुराग अवस्थी इंद्रेश चौधरी , द्वारिका प्रसाद, सौरभ तिवारी, राम आशीष वर्मा, सहीत दर्जनों गन्ना पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम भेजें पत्र में आरोप लगाया है कि गत दों वर्ष तक पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने के बावजूद भी पर्यवेक्षक पर से हम लोगों को हटा दिया गया जिससे हम लोगों का परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है ।

सीजनल कर्मचारियों को मनमाने ढंग से लिस्ट में किया गया शामिल l

गन्ना पर्यवेक्षकों ने यह भी आरोप लगाया है कि आईएसजीएस के नोडल अधिकारी उमेश शुक्ल द्वारा पिछले वर्ष जो कर्मचारी डोंगा इंचार्ज, ब्राइटी इंचार्ज थें उनको गन्ना पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। शिकायत कर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि गन्ना पर्यवेक्षक के चयन में व्यापक अनियमितता की गयी है।चीनी मिल के अधिकारियों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के आदेशों का अनदेखी किया जा रहा है ।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि यदि शीर्घ हीं गन्ना पर्यवेक्षक के पद पर बहाली नहीं की गई तो मिल परिसर में भूख हड़ताल तथा आत्महत्या करने को हम लोग मजबूर होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मिल प्रबंधन की होगी। शिकायत कर्ताओं ने तत्काल प्रभाव से प्रकरण की जांच की मांग की है। प्रेम प्रकाश, राजू चौरसिया, अशोक कुमार चौधरी, ओमवीर सिंह, विजय कुमार, राजीव कुमार, रमेश कुमार ,महेश चंद, विश्वजीत पाल, मदन मोहन पांडे,अरुण चौधरी सहित तमाम लोगों ने शिकायती पत्र में हस्ताक्षर बनाकर प्रभावी कार्यवाही की मांग किया है।

कोरोना महामारी के चलते चीनी मिल के अधिकारी गन्ना पर्यवेक्षको के साथ छलावा कर रहे है।प्रदेश सरकार एक तरफ लोगो को बेहतर रोजगार देने की बात कह रही है वही मुंडेरवा चीनी मिल के अधिकारी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत गन्ना पर्यवेक्षको के रोजगार छीनने में लगे है।बताते चले कि विगत वर्ष 2020 में आई एस जी एस द्वारा गन्ना पर्यवेक्षको/मोटीवेटरों की भर्ती की गई थी।भर्ती किए गए गन्ना पर्यवेक्षको को नियुक्ति पत्र भी नही दिया गया।

इस सम्बन्ध में मुंडेरवा चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक बृजेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि पत्र प्राप्त हुआ है जल्द से जल्द जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी l

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