चौरासी कोसी परिक्रमा मेला देखने गयी बालिका संग हुई दरिंदगी की घटना ने इंसानियत को किया शर्मसार

तीन दरिंदों ने किशोरी को दबोच कर कुछ दूरी पर खड़ी मैजिक में ले जाकर सामूहिक किया दुष्कर्म 

पिसावां (सीतापुर)। पिसावां इलाके में चौरासी कोसी परिक्रमा मेला देखने अपने परिवार के साथ गई एक बालिका संग हुई दरिंदगी की घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। तीन दरिंदों ने किशोरी को दबोच लिया और कुछ दूरी पर खड़ी मैजिक में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदगी के बाद आरोपी भाग गए।

परिवार के तलाशने पर किशोरी बेहाल मिली। सूचना पर पुलिस ने जांच के बाद पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया। गुरुवार को मेडिकल के लिए लाई गई पीड़िता ने पुलिस की कस्टडी में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर एक दरिंदे को गिरफ्तार कर लिया है।

पिसावां इलाके के एक गांव की रहने वाली 15 साल की किशोरी मंगलवार को अपनी मां और छोटे भाई के साथ देवगवां में ठहरे 84 कोसी परिक्रमा का मेला देखने गई थी। रात गहराने पर परिवार देवगवां में ही एक परिचित के घर ठहर गया। देर रात किशोरी नित्यक्रिया को उठी। वह अपने भाई के साथ दरवाजा खोलकर जा रही थी।

इस बीच आरोप है कि पहले से ही घात लगाए बैठे रोहित सिंह निवासी वृन्दावन कोतवाली मिश्रिख, अपिल सिंह निवासी देवगवां थाना पिसावां, महेंद्र सिंह निवासी कुसहा कोतवाली मिश्रिख ने बालिका को दबोच लिया और कुछ दूर पर सुनसान जगह पर खड़ी मैजिक में ले जाकर तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।

घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद हैवान पीड़िता को मैजिक में ही गंभीर हालत में छोड़कर भाग गए। उधर, भाई भागकर घर गया और मां को जानकारी दी। सूचना पाकर परिवारीजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। घटना से पुलिस को अवगत कराया। पिसावां पुलिस और यूपी-100 टीम ने जांच की।

इसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कराया गया। बताया जाता है कि गुरुवार को पुलिस ने महिला आरक्षियों के साथ पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। जहां पर उसने पुलिस कस्टडी में जहरीला पदार्थ खा लिया।

इससे पुलिस कर्मियों और डॉक्टरों के होश उड़ गए। किशोरी की हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। वहीं एसओ पिसावां दिनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्जकर एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।

मेडिकल के दौरान बिगड़ी हालत, झाग निकलने पर उड़े होश
रेप पीड़िता को मेडिकल के लिए पहले जिला महिला अस्पताल लाया गया। जहां पर डॉ. कमलेश कुमारी ने उसका मेडिकल किया। डॉक्टर का कहना है कि मेडिकल के दौरान ही पीड़िता के मुंह से झाग निकलने लगा था। इससे लगा कि उसने जहर खाया। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां से डॉ. पीयूष गोयल ने किशोरी को लखनऊ रेफर कर दिया था।

बिना मेडिकल थानेदार ने पीड़िता को क्यों भेज दिया घर?
मंगलवार की रात दरिंदगी की घटना का शिकार हुई पीड़िता के मामले को पुलिस ने दबाने की भी कोशिश की। घटना के बाद पीड़िता को थाने लाने के बाद मंगलवार को पुलिस ने केस तक दर्ज नहीं किया और उसे घर भेज दिया। इसके बाद अगले दिन आने की बात कही।

पुलिस सूत्रों की माने तो सुबह आने पर पुलिस ने केस दर्ज किया और पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा था। अब सवाल ये उठता है कि बिना मेडिकल कराए पुलिस ने उसे घर क्यों भेज दिया? इसको लेकर एसओ दिनेश सिंह का तर्क है कि रेप की घटना में पीड़िता को थाने पर नहीं रखा जा सकता। इसलिए लिखा-पढ़ी कराकर किशोरी को घर भेजा था। नियम है कि थाने पर नहीं रख सकते।

पिसावां में सामूहिक दुष्कर्म की घटना में तीन लोगों पर केस दर्ज हुआ है। एक की गिरफ्तारी हुई है। पीड़िता मेडिकल के लिए आई थी। जहां पर उसने जहर खा लिया था। फिलहाल हालत खतरे से बाहर है। मामले की जांच कराई जाएगी। महेन्द्र प्रताप सिंह, एएसपी उत्तरी 

रिपोर्ट – अरुण शर्मा

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