खण्ड शिक्षा अधिकारियों की डीएम ने लगाई गणित की क्लास
बहराइच 28 जनवरी। परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अक्सर यह बात देखी जाती है कि जिलाधिकारी शम्भु कुमार स्कूली छात्र-छात्राओं व टीचर्स को स्वयं गणित पढ़ा कर बच्चों को गणित पढ़ाने के आसान व व्यवहारिक तरीको की सीख देते रहे हैं। निरीक्षण के दौरान

लेकिन ऐसा पहली बार हुआ कि मध्यान्ह भोजन योजना टास्क फोर्स तथा शैक्षिक सत्र 2019-20 हेतु यू-डायस के अन्तर्गत डाटा कैप्चर फार्मेट (डी.सी.एफ.) पर चर्चा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पूर्व निर्धारित एजेण्डे पर समीक्षा खत्म होने के उपरान्त शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा प्रारम्भ होते ही एक दम से जिलाधिकारी के गणित प्रेम ने जोश मारा। फिर क्या था आनन-फानन में व्हाइट बोर्ड का प्रबन्ध किया गया और श्री कुमार अपने हाथों में डस्टर व मार्कर थामे शिक्षक की भूमिका में आ गये।
कलेक्ट्रेट सभागार में संचालित किये गये अस्थायी क्लास रूम में छात्र-छात्राओं की भूमिका में जिले के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी गुड स्टूडेन्ट की भांति जिलाधिकारी के सामने बैठे थे। जिलाधिकारी सर्वप्रथम सात अंकों की गिनती 7890292 व्हाइट बोर्ड पर लिखी और सामने बैठे छात्र-छात्राओं अर्थात खण्ड शिक्षा अधिकारियों को उसमें से 6986493 घटाये जाने का निर्देश दिया। प्रथम दृष्टया तो यह सवाल बहुत ही आसान दिख रहा था। लेकिन सभागार में बैठे खण्ड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी परिषदीय स्कूल के बच्चों को यह सिखाना चाहते थे कि जब भी किसी छोटी संख्या में से बड़ी संख्या को घटाना हो तो बाई ओर के अंक से कैरी करने के पश्चात अवशेष अंक को अंक के ऊपर दर्शाने जैसी बेसिक बाते छात्र-छात्राओं को ज़रूर बतायी जायें जिससे सभी छात्र-छात्राएं अतिउत्साह में आकर जोड़-घटाव करते समय गणित के बेसिक सिद्धान्त को नज़र अंदाज़ न कर सकें और महत्वपूर्ण अवसरों पर उनसे छोटी-छोटी गल्तियाॅ न हों।
जिलाधिकारी ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वप्रथम स्वयं भी शिक्षक बने और विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अन्य विभागीय कार्यों के निरीक्षण के साथ-साथ विशेष रूप से शिक्षा की गुणवत्ता का अवश्य जायज़ा लें, तथा शिक्षकों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि बच्चों को जो भी विषय पढ़ाया जाये उनके मौलिक सिद्धान्तों की भी जानकारी प्रदान की जाय। श्री कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि अच्छे शिक्षकों की टीम बनाकर पढ़ाई के आसान तरीकों पर एक विशेष पुस्तिका तैयार करायें और नो-बैग-डे दिवस पर ऐसी गतिविधियों पर विशेष ज़ोर दिया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों की क्लास और क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें होमवर्क देने की भी परिपाटी शुरू की जाय।
इससे पूर्व मध्यान्ह भोजन योजना टास्क फोर्स की बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट क्लास के लिए चिन्हित सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास प्रारम्भ करा दिये जायें। इसके अलावा कस्तूरबा गाॅधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पानी, बिजली, टाइम्स, खिड़की, दरवाज़ों इत्यादि मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित करा दिया जाय। जिलाधिकारी ने बीएसए को यह सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया कि खण्ड स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा भी नियमित निरीक्षण कर एमडीएम की गुणवत्ता सुनिश्चित करायी जाय। श्री कुमार ने सभी विद्यालयों में किचेन गार्डेन विकसित कराये जाने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द चैहान, जिला विकास अधिकारी राजेश कुमार मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेन्द्र कुमार पाण्डेय, जिला पूर्ति अधिकारी अनन्त प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जी.डी. यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी उमा शंकर पाण्डेय सहित खण्ड शिक्षा अधिकारीगण व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
