सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस मनाया गया

सीतापुर: सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस आज मनाया जा रहा है। 1675में मुगल शासक औरंगज़ेब के आदेश पर गुरु तेग बहादुर जी को यातनाएं देने के बाद उनका सिर कलम कर दिया गया था। इस दिन को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। गुरु तेग बहादुर जी ने देश के अधिकांश भागों में गुरु नानक देवजी की शिक्षाओं का प्रचार किया था। गुरु तेग बहादुर जी ने 111 शबद और 15 रागों की रचना की थी और उनकी शिक्षाओं और रचनाओं को गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल किया गया है।

सीतापुर में सिक्ख सेवक जत्थे की तरफ से शहर के जिला अस्तपताल पर चाय और नाश्ते के विशाल स्टाल लगाया गया, इस स्टाल पर सुबह सात बजे से ही भारी संख्या में भीड़ देखने को मिली, हर धर्म के लोगो ने चाय और नाश्ते का प्रसाद ग्रहण किया, सिक्ख सेवक जत्थे के युवकों से बात करने पर जत्थे ने बताया गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता की बेहतरी और एकता, सेवा और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए  जीवन समर्पित कर दिया था, गुरु तेग बहादुर जी ने लोगों के कष्ट दूर करने के लिए काम किया और दमन के खिलाफ लड़े इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। इस मौके पर बाबा उजागर सिंघ, गुरमीत सिंघ’निक्कू’ , गुरुप्रकाश सिंघ, जसकरन सिंघ,चरनजीत सिंघ,गुड्डु वीर जी,अमरजीत सिंह, राजा वीरजी,चनप्रीत सिंघ,भूपिंदर सिंघ,इतप्रीत सिंघ, आदि लोग मौजूद रहे।

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