नहाय-खाय’ के साथ लोक महापर्व छठ का चार दिवयीय अनुष्ठान शुरू, खरना’ आज

रामकोट/सीतापुर। सूर्योपासना व छठी माता की पूजा-अर्चना का चार दिवसीय लोक महापर्व छठ का अनुष्ठान गुरुवार को ‘नहाय-खाय” के साथ शुरू हो गया। शुक्रवार को छठ व्रती ‘खरना’ का अनुष्ठान करेंगे। शनिवार की शाम को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य देव को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसी प्रकार रविवार की सुबह भी उदीयमान/ उगते हुए भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने व व्रतियों की ओर से पारण करने की रस्म अदायगी के साथ इस चार दिवसीय लोक आस्था के महा पर्व छठ का समापन होगा।

शहर के पीएसी वाहिनी की विभिन्न कालोनियों, रेलवे कालोनी, खूबपुर, तरीनपुर, शास्त्री नगर, आर्य नगर, आदर्श नगर आदि मोहल्लों के अलावा रामकोट, जवाहरपुर, रामगढ़, हरगांव, महोली, बिसवां, महमूदाबाद चीनी मिल कालोनियों व आसपास के क्षेत्रों में रह रहे बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के निवासियों व उनके परिजनों की ओर से गुरुवार को ‘नहाय-खाय’ कर छठ व्रत का संकल्प लिया गया। इस दौरान छठ व्रतियों ने अपने समीप स्थित नदियों, जलाशयों, तालाब, पोखरों व घरों में अपनी सुविधा अनुसार पवित्र स्नान किया। व्रतियों ने घर में गंगाजल का छिड़काव कर पवित्रता के साथ सात्विक भोजन किया। लहसुन व प्याज रहित लौकी की सब्जी, चने की दाल एवं अरवा चावल का आहार ग्रहण किया। इसी के साथ पूरा परिवार भक्ति के वातावरण में डूब गया। घरों में महिलाएं पारंपरिक छठ गीत भी गुनगुनाने लगी हैं। शुक्रवार को मिट्टी के बने नये चूल्हे पर बना खरना का प्रसाद महापर्व का विशेष महा प्रसाद होगा। व्रतियों द्वारा मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से खीर व रोटी बनायी जाएगी।
शहर से लेकर ग्रामीण कस्बों तक रह रहे पुरबिया लोगों के कालोनियों एवं आवास परिसर में छठ वृत से संबंधित विभिन्न भोजपुरी एवं अवधि पारंपरिक एवं आधुनिक लोकगीत बजते हुए सुनाई देने लगे हैं। गुरुवार से ही परिवार में वातावरण छठ में हो गया है। शुक्रवार को छठ व्रतियों के परिजनों की ओर से छठ पूजा के पूजन सामग्री की खरीदारी की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न जलाशयों के किनारे छठ घाटों का निर्माण एवं साफ सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। छठ पूजा के लिए छठी माता की सिरसोप्ता,मिट्टी की पिंडी एवं वेदी बनाए जाने के साथ हैं रंग रोगन का कार्य गुरुवार दोपहर से पहले संपन्न किया जाएगा।

अब शुरू हुआ चार दिवसीय छठ पर्व का अनुष्ठान

दिवाली, भैयादूज, चित्रगुप्त पूजा व गोवर्धन पूजा के पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ समापन के बाद अब भगवान भाष्कर व छठी माता की उपासना के सबसे बड़े लोक पर्व छठ की तैयारियां शुरु होने लगी है। चार दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान छठ पर्व की रस्म की शुरुआत गुरुवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। शुक्रवार को श्रद्धालु छठव्रती खरना करेंगे। इसी प्रकार शनिवार को सांयकालीन पहला अर्ध्य व रविवार को उगते हुए सूर्य को सुबह का अर्ध्य अर्पित करने के साथ व्रत का समापन होगा। इसकी जानकारी रामकोट स्थित शैलेश्वर हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित मंगल प्रसाद शास्त्री व पं. युगुल किशोर बाजपेई ने दी है।
सनद रहे कि लोक आस्था का यह पर्व बिहार, झारखंड, नेपाल, सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। सीतापुर जनपद में भी रह रहे पूर्वांचल व बिहार के लोगों की ओर से यह पर्व उसी आस्था को परंपरा के अनुसार आयोजित करते हैं। रामकोट के गंगासागर तीर्थ परिसर, जवाहरपुर चीनी मिल कॉलोनी परिसर, शहर स्थित विभिन्न पीएसी कालोनियों, रेलवे कॉलोनी, तरीनपुर, शास्त्री नगर, खूबपुर सहित अनेक स्थानों पर पूर्वांचल की छठ व्रतियों संग बीते वर्षों से कुछ स्थानीय लोग भी छठ व्रत का अनुष्ठान कर अपने अभीष्ट की कामना करने लगे हैं।

रिपोर्ट- रियासत अली सिद्दीकी

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