पति की दीर्घायु की कामना को लेकर सुहागिनों ने करवा चौथ का रखा निर्जला व्रत
रियासत अली सिद्दीकी, रामकोट
रामकोट/सीतापुर। पति की दीर्घायु की कामना को लेकर गुरुवार को सुहागिनों ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। देर शाम चांद के दीदार के बाद चलनी में पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ा। बता दें कि करवा चौथ के व्रत को लेकर क्षेत्र में हजारों की संख्या में महिलाओं ने उपवास रखा।


महीने भर से तैयारी में लगी सुहागिनों ने लाल जोड़े में सज-धज कर पूजन किया। इस व्रत को लेकर सुहागिन महिलाएं करीब 1 माह पूर्व से इंतजार कर तैयारी में जुटी हुई थी। पर्व के लिए लाल जोड़ा के अलावे सोने के आभूषण, चूड़ी और कंगनों की खरीदारी में जुटी रही। गुरुवार को व्रत रखने के बाद मोहल्ले की कुछ महिलाओं ने एक साथ मिलकर पूजा अर्चना करने के बाद सूर्य को अर्घ देकर व्रत का समापन किया।

कस्बे के एक ब्यूटी पार्लर की संचालिका ने बताया कि करवा चौथ को लेकर उनके पार्लर में एक सप्ताह पूर्व से ही सुहागिनों की भीड़ जुट रही थी। पूजा-आराधना कर सुहागिनों ने जन्म जन्मांतर तक पति- पत्नी के साथ रहने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। अंधेरा होते ही व्रती सुहागिनें छत पर चढ़कर पूजा अर्चना में लीन हो गई और चांद का दीदार करने के लिए बेताब रही। जैसे ही आसमान में चांद दिखा उन्होंने अर्ध्य देकर पति का चेहरा चलनी में देख व्रत का समापन किया।
सोलह श्रृंगार कर सुहागिनें करती हैं व्रत
करवा चौथ के दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। माथे पर लंबी सिंदूर, गले में मंगलसूत्र, हाथों में मेहंदी, पैरों में महावर, मांग टीका, बिंदिया, काजल, नथनी, कर्णफूल, मेहंदी, कंगन, लाल रंग की चुनरी, बिछिया, पायल, कमरबंद, अंगूठी, बाजूबंद और गजरा समेत 16 श्रृंगार करती हैं।
