विभाग के उदासीन रवैया के चलते किसानों की फसलों पर पड़ रहा बुरा प्रभाव
रियासत अली सिद्दीकी
रामकोट/सीतापुर। क्षेत्र के मैनासी सरैया गांव के पास से निकली रायपुर नहर बीते लगभग 15 दिनों से कटी पड़ी है। जिससे सैकड़ों बीघे धान, गन्ने की फसल बर्बादी की कगार पर है। वहीं दर्जनों गांव तक नहर का पानी पहुंच रहा है। इतना ही नहीं नहर का पानी रामकोट थाने के सामने फील्ड तक भी पहुंच गया है।

मैनासी सरैया गांव के पास से निकली रायपुर नहर मुनवाहार पुल के पास से नहर पटरी कटने से सैकडों बीघे फसल जल मग्न हो गयी। नहर के पानी से दर्जनों गांवों के किसानों की फसलो को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के खेतों में काफी पानी भर गया है। धान, गन्ना, तिल्ली सहित आदि फसलें जलमग्न हो गई हैं। नहर कटने का कारण अधिक पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। पिछले वर्ष भी कई बार नहर पटरी कट चुकी है, जिससे कई गांवों में पानी भर गया था। जबकि नहर की पटरी बहुत जर्जर बनी हुई है। किसानो ने बताया नहर विभाग को सूचना देने के बावजूद भी 15 दिनों से बराबर पानी बह रहा है।

मरम्मत करने के लिए नहर विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे नहर विभाग का कीमती पानी बेकार में बह रहा है। नहर का पानी एक-दो गांव तक ही सीमित नहीं रहा। बल्कि दर्जनों गांव में पहुंच गया है पिपरी, विलरिया, साहपुर, रायपुर, मधवापुर ,सुकालीपुर, बदलू पुरवा, नेवादा, रामकोट, गनेशखेड़ा, लगभग 2 किलोमीटर दूर रामकोट के आगे तक पानी पहुंच गया है। जिम्मेदार अधिकारियों के उदासीन रवैया के कारण किसानों की फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। राजस्व विभाग को भारी नुकसान हो रहा है। किसान रामरतन ने बताया नहर की पटरी जर्जर बनी हुई है जिससे नहर पटरी कट गई है, खेतों में काफी पानी भर गया है, फसलों को नुकसान हो रहा है, जब पानी की आवश्यकता होती है तब पानी नहीं छोड़ा जाता है। मधवापुर निवासी किसान सुरेंद्र गौतम ने बताया नहर की पटरी कटने से खेतों में काफी पानी भर गया है। जिससे गन्ना गिरने लगा है। रामकोट के किसान रामखेलावन ने बताया कि गन्ने की फसल में पानी भर गया है गन्ने की फसल को नुकसान हो सकता है। पंकज श्रीवास्तव ,रामकुमार, सुरेंद्र गौतम, मुकेश, महादेव, जितेंद्र ,वारिस अली ,नैमिष वर्मा, शिवराम ,महेश, अनुज वर्मा ,राकेश वर्मा, विनोद कुमार, रामप्रसाद, सहित सैकडों किसानों ने नहर पटरी की मरम्मत कराने की मांग की है।
