पूरे ढोढ़े गांव के ग्रामीणों पर अधिकारियों ने गलत तरीके से दर्ज कराया मुकदमा
अचानक कनेक्शन काटे जाने की वजह से ग्रामीणों को रही है बहुत परेशानी
महाराजगंज : जसरकार की तरफ से बिजली बकायेदारों के कनेक्शन काटने की जा रही कार्रवाई में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बकायेदारों बिना किसी नोटिस के ही कनेक्शन काट दे रहे हैं। बिना किसी नोटिस के कनेक्शन काटने की वजह से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक कनेक्शन काटे जाने की वजह से महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे ढोढे मजरे पाली के ग्रामीण भी परेशान हो गए थे। यही नहीं वहां पर उपकरण को चेक करने के नाम पर भी बदसूलुकी और महिलाओं के साथ अश्लीलता की गई थी, जिसकी वजह से महिलाओं में गुस्सा फूटा था। इसके बाद ग्रामीणों से बिजली कर्मचारियों के बीच में झड़प हो गई थी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों पर गलत तरीके से मुकदमा भी दर्ज करा दिया। बिजली कर्मचारियों ने किस तरह से बदसूलुकी की है, इसकी शिकायत गांव की महिला सावित्री देवी और अन्य लोगों से डीएम और एसपी से की है।
बता दें पूरे ढोढ़े गांव में 11 सितम्बर को बिजली कनेक्शन काटने और उपकरण चेक करने के नाम पर एसडीओ आशीष श्रीवास्तव व जेई नरेंद्र मौर्य और दीपक वर्मा अपनी टीम के साथ गए थे। वहां पर उनके लाइनमैनों की बदतमीजी से आजिज आकर महिलाओं ने हंगामा किया था। इसके बाद ग्रामीणों के बीच में लाइनमैन, बिजली विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच में झड़प हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने मनमाने ढंग से ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज करा दिया है। ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद सभी बहुत परेशान है, वहीं बिजली विभाग के अधिकारी और उनका संगठन प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर निर्दोष लोगों को पकड़वाने में लगे हुए है। जबकि विभाग के साथ संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों से गलत तरीके से लोगों को फंसाया है। इसी क्रम में सोमवार को बिजली विभाग के अधिकारियों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन दिया। अभियंतों के धरना-प्रदर्शन के दौरान ही एसई ने कहा कि अगर आपके साथ कोई मारपीट करता है, तो उसके साथ आप भी मारपीट करो। उन्होंने स्वयं कहा कि 35 साल के कार्यकाल में हमने स्वयं ही मारपीट की। अधिकारियों के इस बयान से स्पष्ट है कि किस तरह से ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है।
अधिकारियों के साथ होती पुलिस तो न होती पिटाई
विद्युत विभाग के अधिकारी कनेक्शन काटने की कार्यवाही के दौरान किस तरह से अवैध वसूली की जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11 सितम्बर को विद्युत अधिकारी पुलिस को अपने साथ में नहीं ले गए थे। महराजगंज क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी विनित सिंह व कोतवाली प्रभारी लालचंद्र सरोज ने विभागीय अधिकारियों से कार्यवाही के समय पुलिस बल साथ ले जाने की छूट दे रखी है, लेकिन इसके बाद विद्युत अधिकारी पुलिस नहीं ले गए थे। वह लोग बिना किसी नोटिस व जानकारी दिए बिना ही अचानक कनेक्शन काटने पहुंच गए थे। वहीं, आम चर्चा यह भी है कि विभाग के कर्मचारी कनेक्शन काटने का दबाव बनाकर सुविधा शुल्क की मांग करते हैं जहां से उन्हें सुविधा शुल्क प्राप्त हो जाता है या किसी नेता का दबाव होता है वहां पर कार्यवाही नहीं होती। ऐसा ही कुछ करने के लिए उस दिन भी अधिकारियों के साथ में क्षेत्र के कुछ लोग भी गए थे जो कि गांव में अवैध वसूली कर रहे थे। इस बात की भी चर्चा जोरों पर चल रही है। पुलिस साथ में ले जाने की बात जब बिजली विभाग के अधिकारियों से एसपी से की तो, उन्होंने कहा कि जब आप लोगों को पुलिस साथ में दी जाती है, तब आप लोग ले नहीं जाते हैं। पुलिस साथ में न ले जाने की वजह से ही ऐसा हादसा हुआ।
आखिर क्या होता है नियम
बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मनमानी करते हुए कहा अगर आपका कनेक्शन बिना किसी नोटिस के काटते हैं, तो यह गलत है। बिजली कनेक्शन काटने से पहले विभाग की तरफ से बकाये बिल का भुगतान करने की सूचना देनी चाहिए। अगर सूचना मिलने के दो दिन बाद भी बिजली बिल का भुगतान नहीं होता है, तो फिर उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं। इस प्रक्रिया के बाद ही बिजली कनेक्शन काटा जाना चाहिए।
