रामकोट/सीतापुर। क़स्बे सहित क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-अजहा (बकराईद) मनाई गई। रामकोट कस्बे की ईदगाह में हाफिज जलील अहमद की ओर से ईद-उल-अजहा (बकराईद) की नमाज अदा कराई गई। नमाज़ के बाद अमन-ओ-अमान भाईचारे, प्यार मोहब्बत, मुल्क में अमन व शांति के लिए खुसुसी दुआ गई।

नमाज से पहले मो. बख्श सिद्दीकी व मो. लईक नदवी ने बयान किया। मौलाना लईक नदवी ने अपने खिताब मे कुर्बानी की फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि ये हमारे नबी की सुन्नत है। कुर्बानी के जरिये हम मोला से करीब होते हैं। नदवी ने शिकायत के अंदाज में कहते हुए कहा कि अगर कामयाबी चाहते हो तो अपनी जिंदगी को शरीयत के मुताबिक गुज़ारो और अपने बच्चों को तालीम जरूर दिलाऔ। नदवी ने अपने खिताब मे इस बात पर जोर दिया कि ईदगाह को बराबर आते रहो क्योंकि यहीं पर हमारी आखिरी क़याम गाह है। हमारे आबो अजदाद दफन हैं। और इसी मिट्टी में हमे भी जाना है। उसकी तैयारी अस्ल है। दुनिया की जिंदगी बहुत कम है। अपनी जिन्दगी को ऐसी जिंदगी बनाएँ जो दूसरों के काम आए और कोई भी ऐसा काम ना करें जिस से किसी को भी तकलीफ हो। क्योंकि पूरी मखलूक अल्लाह का कुनबा है। जो उस के साथ अच्छा मामला करेगा अल्लाह उसको अच्छा सिला देगा। दवराने खुतबे मे नदवी ने मुल्क मे अमन भाई चारे आपस में मिल कर जिंदगी गुजारने की दुआ की बाद खिताब के नदवी ने कमेटी की जानिब से सब का शुक्रिया अदा किया। मुहम्मद अरशद सिद्दीकी की तिलावते कलामे इलाही से महफिल का आगाज किया गया।
और मोहम्मद बक्श ने इस्लाहे मुआशरे पर रोशनी डाली
आखिर मे नमाज बाद तवील खुतबा नदवी ने दिया।
उसके बाद मुल्क मे अमन पसन्दी और अच्छे मौसम की रब के हुजूर मे नदवी ने दुआ करायी।
नए कपड़ों में इत्र की खुशबू बिखेरते बच्चें, युवा और बुजुर्गों में गजब का उत्साह देखा गया। नमाज अदा होते ही बधाइयों और मंह मीठा कराने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
रोज खाली रहने वाला रामकोट क़स्बे का ईदगाह सोमवार को पूरी तरह से भरा नजर आया। नमाज के समय से पहले ही लोग ईदगाह पहुंचने लगे थे। ईदगाह परिसर में पुलिस की व्यापक तैनाती थी। ईदगाह परिसर में मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास पप्पू वर्मा, रामकोट व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रेमशंकर गुड्डू गुप्ता, समाज सेवक मो. आमीन उर्फ बादशाह आदि ने लोगों को गले लगाकर बकराईद की बधाई दी।
रिपोर्ट- रियासत अली सिद्दीकी
