कासगंज: ये कोई मजदूर नही, अपितु ये बेसिक शिक्षा विभाग के मल्टी टैलेंटेड शिक्षक हैं जिन्हें माननीय बेसिक शिक्षा अधिकारी कासगंज के आदेशानुसार बीते दिनों प्रातः 6 बजे से श्रमदान करने हेतु बुलाया गया है।
जहाँ तक सभी को पता है माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार शिक्षकों से शिक्षण के अतिरिक्त कोई भी कार्य नही करवा सकते फिर भी ये विभाग हर जगह अपनी छाप छोड़ने में अव्वल रहता है।

ये दृश्य देखकर शिक्षक संघ के माननीय बड़े बड़े नेतागण आराम से वातानुकूलित कक्ष में बैठे बैठे सोच रहे होंगे कि ये तो हमारी राजनीति के बाहर है इसलिए इसपर मौन रहना ही बेहतर है।

सिस्टम की तो बात ही क्या करें वो तो अपनी मनमानी करके हर काम मे शिक्षकों को घुसेड़ देता है ।
श्रमदान करना जुर्म नही लेकिन हर एक चीज की एक सीमा होती है , protocol होता है लेकिन AC में बैठे अधिकारियों को तो बेसिक के मास्टर नकारा लगते हैं और बात करते हैं उच्चतम गुणवत्ता वाली शिक्षा देने की।
