लखीमपुर खीरी: संस्कृत भाषा को जन सामान्य की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत संस्कृत भारती के द्वारा गुरूवार को मुड़िया महन्त मन्दिर में त्रिदिवसीय अनावासीय व्याकरण वर्ग का शुभारंभ किया गया।उद्घाटन पंकज शुक्ला ने किया। संस्कृतभारती लखीमपुर के सम्पर्क प्रमुख विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि आधुनिक समय में जब हम अनुसंधानों की बात करते हैं तो उसका मूल हमें संस्कृत से ही प्राप्त होता है इस प्रकार के ज्ञान को जानने के लिए हमें संस्कृत के व्याकरण को भी जानना चाहिए जिसके द्वारा हम राष्ट्रहित में भी अपना योगदान कर पाएंगे। अध्यक्षता कर रहें श्री सनातन धर्म आदर्श माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने विचार वक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा में ही समस्त ब्रह्मांड का ज्ञान-विज्ञान छिपा हुआ है जिसके प्रयोग आधुनिक समय में वैज्ञानिकों के द्वारा देखने को मिल रहें। मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री डॉ ओंकार नारायण दुबे ने इस अवसर पर अपने विचार रखते करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा से ही व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है अतः हम सबको संस्कृत भाषा का ज्ञान अर्जित करने के साथ साथ व्याकरण का भी ज्ञान होना चाहिए। ज्ञान अर्जित करने के साथ ही साथ उसको व्यवहार में भी लाना होगा । तभी हम देश में व्याप्त बुराइयों को दूर कर पाएगें। कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने किया।कार्यक्रम में पूजा शांती ,रहमती मांडवी अल्फिशा शशांक आदि मौजूद रहें ।
रिपोर्ट- अमर पाल सिंह
