रामकोट ईदगाह पर गले मिलते सालिम सिद्दीकी व मो. हुजेफा
रामकोट/सीतापुर। क़स्बे सहित क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ ईद मनाई गई। रामकोट कस्बे की ईदगाह में हाफिज जलील अहमद की ओर से ईद-उल-फित्र (ईद) की नमाज अदा कराई गई। नमाज़ के बाद मौलाना मो. लाईक नदवी ने अमन-ओ-अमान भाईचारे, प्यार मोहब्बत, मुल्क में अमन व शांति, रहमत वाली बारिश की दुआ कराई।
नमाज से पहले मौलाना मो. लाईक नदवी ने बयान किया। मौलाना नदवी ने कहा कि इस्लाम धर्म में ईद का त्योहार बड़ी ख़ुशी से मनाना चाहिए। नदवी ने ईदगाह में आए लोगों से खिताब किया कि ईद के दिन सब को गले से लगाना चाहिए। क्योंकि ईद ख़ुशी का दिन है। सब हमारे अपने है। भाई चारा ही असल जिंदगी की ख़ुशी है। हम सब को चाहिए कि ऐसा कोई काम ना करें जिससे किसी को भी तकलीफ हो।
मौलाना नदवी ने दलील दी कि इस्लाम मजहब में तकलीफ जो दे, उस चीज का रास्ता से हटाना भी नेक काम है। हम अगर इन सब नेक काम को करेंगे तो हमारी दुनिया की भी जिन्नदगी अच्छी से गुज़रेगी और मरने के बाद अल्लहा इनाम से नवाजेगा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
नए कपड़ों में इत्र की खुशबू बिखेरते बच्चें, युवा और बुजुर्गों में गजब का उत्साह देखा गया। नमाज अदा होते ही बधाइयों और मंह मीठा कराने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
रोज खाली रहने वाला रामकोट क़स्बे का ईदगाह बुधवार को पूरी तरह से भरा नजर आया। नमाज के समय नौ बजे से पूर्व ही लोग ईदगाह पहुंचने लगे थे। ईदगाह परिसर में रामकोट पुलिस की व्यापक तैनाती थी। ईदगाह परिसर में मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास पप्पू वर्मा ने लोगों को गले लगाकर ईद की बधाई दी।
सेवइयों की मिठास लेने को हर कोई आतुर दिखा। सबसे ज्यादा खुशी छोटे बच्चों में देखने को मिली। बच्चों में ईद से ज्यादा नए कपड़े को लेकर उत्साहित दिखें।
रिपोर्ट- रियासत अली सिद्दीकी
