लखनऊ में विश्व रेड क्रॉस का आयोजन

लखनऊ। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा, रेड क्रॉस भवन, कैसरबाग, लखनऊ द्वारा विश्व रेड क्रॉस दिवस 8 मई 2026 का आयोजन “मानवता में एकता” थीम के अंतर्गत अत्यंत उत्साह एवं मानव सेवा की भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम में करुणा, एकता, स्वैच्छिक सेवा तथा मानवीय कार्यों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं सदस्यों द्वारा रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक सर हेनरी ड्यूनेंट के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। पदाधिकारी ने सर हेनरी ड्यूनेंट के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध पीड़ितों की पीड़ा को देखकर उनके मन में मानव सेवा का जो भाव उत्पन्न हुआ, उसी से अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन की स्थापना हुई, जो आज निष्पक्ष एवं निस्वार्थ मानव सेवा का प्रतीक है।उपस्थित पदाधिकारी ने “मानवता में एकता” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है तथा मानव सेवा सबसे बड़ा कर्तव्य है।

रेड क्रॉस संस्था आपदा राहत, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में निरंतर मानवीय सेवाएं प्रदान कर रही है।अनुराग मिश्रा पार्षद, सदस्य कार्यकारिणी समिति ने अपने संबोधन में कहा कि रेड क्रॉस संस्था प्राकृतिक आपदाओं, चिकित्सीय आपात स्थितियों एवं सामाजिक संकटों के समय सदैव अग्रणी भूमिका निभाती रही है। उन्होंने मानव सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु युवाओं एवं स्वयंसेवकों की भागीदारी पर विशेष बल दिया।

नवीन गुप्ता, कोषाध्यक्ष ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि रेड क्रॉस रक्त बैंक, स्वास्थ्य शिविर, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं राहत कार्यों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों की निरंतर सेवा कर रहा है।

आलोक सक्सेना, वाइस पैट्रन सदस्य ने मानवता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “मानवता में एकता” की थीम समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भेदभाव से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से मानव कल्याण हेतु कार्य करने की प्रेरणा देती है।ओ. पी. पाठक, चेयरमैन ने रेड क्रॉस आंदोलन के इतिहास एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था की स्थापना बिना किसी जाति, धर्म एवं राष्ट्रीयता के भेदभाव के पीड़ित मानवता की सहायता हेतु की गई थी। उन्होंने रेड क्रॉस सदस्यों एवं स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे समर्पित कार्यों की सराहना की। ऋतुराज ने वर्तमान समय में सामुदायिक जागरूकता एवं मानवीय मूल्यों की आवश्यकता पर बल देते हुए युवाओं से रेड क्रॉस गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।अमरनाथ मिश्रा, उप सभापति प्रदेश रेड क्रॉस / सचिव, लखनऊ जिला शाखा ने अपने संबोधन में रेड क्रॉस संस्था की बढ़ती भूमिका एवं जनसेवा गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण के महत्व को बताते हुए कहा कि समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार दुर्घटनाओं, आपदाओं एवं चिकित्सीय आपात स्थितियों में अनेक लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थानों, उद्योगों एवं स्वयंसेवकों के मध्य लगातार प्राथमिक उपचार जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे समाज को अधिक सुरक्षित एवं आपात स्थितियों के लिए तैयार बनाया जा सके।उन्होंने आगे बताया कि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की भविष्य की योजनाओं में रक्तदान जागरूकता को और अधिक सशक्त करना, स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तार, युवाओं एवं स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाना, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना तथा समाज के कमजोर एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को सहायता प्रदान करना शामिल है। उन्होंने रेड क्रॉस स्वयंसेवकों एवं सदस्यों की निस्वार्थ सेवा भावना की सराहना करते हुए आमजन से मानव सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।

कार्यक्रम के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, लखनऊ जिला शाखा द्वारा अपनी जनकल्याणकारी पहल के अंतर्गत 50 टीबी मरीजों को गोद लिया गया तथा लखनऊ जिला शाखा के सभी सदस्यों द्वारा एक साथ सभी मरीजों को पोषण किट वितरित की गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंघल ने क्षय रोग (टीबी) के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए इसके लक्षण, बचाव, उपचार, आवश्यक सावधानियां एवं उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लाभार्थियों को पौष्टिक आहार, स्वस्थ खान-पान एवं उपचार अवधि के दौरान किन चीजों का सेवन करना चाहिए तथा किनसे बचना चाहिए, इस संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों द्वारा रेड क्रॉस के सिद्धांतों के अनुरूप समर्पण, करुणा एवं एकता के साथ मानव सेवा जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सदस्यों, स्वयंसेवकों, स्वास्थ्य अधिकारियों, टीबी मरीजों एवं गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे आयोजन अत्यंत प्रभावशाली एवं सार्थक बना।कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश राज्य शाखा के कार्यालय स्टाफ की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें सैयद मोहम्मद हारून, संजय जायसवाल, रजनीश शर्मा, श्वेता सिंह, सौरभ अग्निहोत्री, अजय सिंह रावत, अब्दुल मलिक एवं करण शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।रेडक्रास दिवस 08मई को पधारे सदस्यों में मुख्य रूप से अमरनाथ मिश्रा, ओ. पी. पाठक, अनुराग मिश्रा, नवीन गुप्ता, रितु राज गुप्ता, डा अतुल कुमार सिंहल, फरहान हासमी, गुरूपाल सिंह, राज बहादुर सोनकर, माजिद अली खान, हसन मुतर्जा रिजवी, अजय कुमार पाण्डेय, आनंन्द शास्त्री, मो शोहेब, सुनील गुप्ता, रजत द्विवेदी, किशवर जंहा, ज्योति खरे, अरून कुमार द्विवेदी, रंजीत सिंह, कार्तिका माथुर, नितिन जैन, राज कमल, बंसत वाजपेयी, रामप्रकाश श्रीवास्तव, डा.शिखा सक्सेना, सत्य शंकर मिश्रा, शरद प्रसाद सिंन्हा, आलोक कुमार सक्सेना, सुमित साहू, मो. तारिक, मीनू मिस्टर, अनूप कुमार, कुश मिश्रा, मनीष कुमार मौजूद रहे।

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