लखनऊ। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी महासंघ जिला अधिकारी लखनऊ को 17 सूत्री मांग पत्र का ज्ञापन प्रतिनिधिमंडल के साथ सोप अखिल भारतीय राज सरकारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ ने माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली को संबोधित अखिल भारतीय सरकारी महासंघ के वहां पर 17 सूत्री मांग पत्र जिला अधिकारी लखनऊ के माध्यम से ज्ञापन दिया गया मुख्य रूप से समस्त राज्य के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भर्ती पर लकीरों हटाई जाए तथा समस्त राज्य के स्वीकृत पदों को अस्थाई रूप से भरा जाए आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त किया जाए नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। आंगनवाड़ी आशा कार्य करती रसिया पीआरडी को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए न्यूनतम वेतन मान ₹30000 प्रतिमा दिया जाए जिससे उनके परिवार का शिक्षा एवं बच्चों का पालन पोषण इस महंगाई के दौर में हो सके इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे ने सरकार से अपील की है कि कर्मचारी संगठनों की कोई बात भी नहीं सुनवाई हो रही है शान द्वारा जारी आदेशों का भी अनुपालन नहीं हो रहा है। प्रदेश महासचिव सुरेश सिंह यादव एवं राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राज सरकारी महासंघ ने जोरदार तरीके से अपना कर्मचारियों के हित में पक्ष रखते हुए सरकार प्रधानमंत्री से अपील की है कि समस्त राज्यों के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री यो को निर्देशित किया जाए की सभी राज्य में अभियान चलाकर सरकार द्वारा स्वीकृत पदों को अस्थाई रूप से भरा जाए। जिससे मध्य एवं गरीब परिवार के बच्चे किसी तरह हाई स्कूल इंटर पास करके चतुर्थ श्रेणी एवं ड्राइवर की नियुक्ति पाए जाते से वह भी हक सरकार ने छीन लिया है यदि उत्तर प्रदेश का ही उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 4:30 लाख पद उत्तर प्रदेश में ही खाली है यदि उनकी भर्ती की जाए तो अस्थाई युवाओं को रोजगार मिल सकता है और राजकीय कार्य भी बहुत अच्छी तरीके से संचालित किया जा सकता है। जिससे राजकीय कार्य आज प्रभावित हो रहा है अन्य राज्यों में भी दयनीय स्थिति है विभागों में कर्मचारियों पर भारती ना होने के कारण एक-एक कर्मचारी को कई अधिकारियों के साथ काम करना पड़ रहा है और राजकीय कार्य प्रवाहित हो रहा उन्होंने यह भी मांग की कि यदि सरकार भारती नहीं कर सकती है तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संविदा कर्मचारियों को विभाग द्वारा उनका भुगतान किया जाए। जिससे उनका पूरा भुगतान उनके परिश्रम का उनके खाते में जा सके ठेकेदारी प्रथा सरकार द्वारा जो दिया जाता है वह दैनिक भोगी कर्मचारी को पूरा प्राप्त नहीं होता है बीच में कमीशन खोरी होती है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मृतक आशिक नियमावली को सरकार ने संशोधित कर उनको उनके परिवार को 14वां संशोधन में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी पर ही नियुक्त होगा। इसको समस्त तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है उन्होंने भी बताया कि मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का भी अनुपालन अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव विभाग अध्यक्ष द्वारा अनुपालन नहीं किया जा रहा है कोई बैठक या छोटी-छोटी समस्याओं को अभी निस्तारण नहीं किया जा रहा है जिससे आदेश के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि शीघ्र ही समय रहते 17 सूत्री मांग पद पर विचार नहीं किया गया तो पूरे देश के कर्मचारी रामलीला मैदान दिल्ली में शीघ्र ही निर्णय लेकर पूरे देश के कर्मचारी अपनी आवाज पहुंचने के लिए धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी जिम्मेदार राज्य के मुखिया अधिकारियों की होगी इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह यादव कलेक्ट से राणा विजय कुमार अमित कुमार पांडे मौजूद रहे।
