नैमिषारण्य। सतयुग से धर्म, आस्था और तपस्या की पुण्यभूमि माने जाने वाले प्राचीन तीर्थ नैमिषारण्य में सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद द्वारा मारवाड़ी पंचायती धर्मशाला में विहिप कार्यालय एवं वेदपाठी छात्रावास का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन और हवन के साथ हुआ। इस अवसर पर विहिप प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि हिंदुत्व के संरक्षण और संवर्धन के लिए विहिप निरंतर कार्यरत है। नैमिषारण्य जैसी तपोभूमि में कार्यालय और वेदपाठी छात्रावास की स्थापना सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार तथा हिंदू संस्कृति की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

समारोह में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। संत महामंडलेश्वर सदाशिवेंद्र सरस्वती, हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास, चक्रतीर्थ के पुजारी राजनारायण पांडेय, काशी विश्वनाथ मंदिर के पीठाधीश पुरुषोत्तम शास्त्री, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख महंत विवेक शास्त्री, पंडित राजा द्विवेदी और कथाव्यास तुषार शुक्ला सहित अनेक संतों ने आशीर्वचन प्रदान किए।
उद्घाटन सत्र के पश्चात समरसता खिचड़ी भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर सामाजिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में विहिप प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख विपुल प्रताप सिंह, विभाग मंत्री उत्तम सिंह, जिला संरक्षक प्रदीप सिंह, जिला कार्याध्यक्ष प्रमोद सिंह, जिलाध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला मंत्री आशीष मिश्र, सह मंत्री कुमुद सिंह, जिला संगठन मंत्री अरविंद तिवारी, जिला उपाध्यक्ष सुनीत पांडेय सहित विहिप एवं बजरंग दल के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नैमिषारण्य में विहिप कार्यालय और वेदपाठी छात्रावास का यह शुभारंभ न केवल धार्मिक शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सनातन मूल्यों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
