लखीमपुर खीरी: शहर के बीचोबीच स्थित रामनगर इलाके से होकर गुजरने वाली नहर को हाल ही में सिंचाई विभाग द्वारा साफ कर स्वच्छ पानी से प्रवाहित किया गया था। नहर की सफाई के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सकी।
कुछ ही दिनों के भीतर रामनगर क्षेत्र में लोगों द्वारा दोबारा नहर में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक और घरेलू अपशिष्ट फेंकना शुरू कर दिया गया। इससे नहर का पानी फिर से दूषित होने लगा है और आसपास बदबू व गंदगी का माहौल बन गया है।
इस स्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या स्वच्छता की जिम्मेदारी केवल सरकार और प्रशासन की है, या फिर आम नागरिकों की भी बराबर की भागीदारी जरूरी है? जब स्वयं लोग सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाएंगे, तो स्वच्छता अभियान कैसे सफल हो पाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जहां निगरानी और जुर्माने की व्यवस्था सख्त करनी चाहिए, वहीं नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। स्वच्छ नहर और स्वस्थ पर्यावरण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनजागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है।
