गोला गोकरननाथ | लखीमपुर खीरी
महाशिवरात्रि पर्व से ठीक पहले गोला गोकरननाथ में राजनीतिक होर्डिंग को लेकर उपजा विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। मंदिर परिसर में लगी नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू की होर्डिंग को अराजकतत्वों ने फाड़ दिया। इसी दौरान कॉरिडोर निर्माण कार्य में लगे जूनियर इंजीनियर (जेई) नितिन कुमार के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है, जिसमें उनका मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
होर्डिंग फाड़ने की घटना से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नगर पालिका की ओर से मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग के पास कुछ होर्डिंग लगाई गई थीं। इन होर्डिंग्स में भगवान शिव-पार्वती के चित्रों के साथ नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू की तस्वीर भी लगी थी। देर रात अज्ञात लोगों ने इन होर्डिंग्स को फाड़ दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
कॉरिडोर जेई के साथ मारपीट
इसी दौरान कॉरिडोर निर्माण कार्य देख रहे कार्यदाई संस्था के जेई नितिन कुमार के साथ भी मारपीट की गई। जेई ने बताया कि उनका दायित्व केवल कॉरिडोर निर्माण और शिवरात्रि को लेकर पैचिंग कार्य का था। जब वे अम्बेडकर तिराहे पर पहुंचे, तो कुछ लोगों ने यह आरोप लगाते हुए उन पर हमला कर दिया कि होर्डिंग उन्हीं के कहने पर लगाई गई थीं। मारपीट में उनका मोबाइल फोन टूट गया।
नगर पालिका अध्यक्ष का पक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने बताया कि मॉक ड्रिल के बाद जब वे मंदिर परिसर पहुंचे थे, उस समय वहां मोंटी गिरि मौजूद थे, हालांकि कोई बातचीत नहीं हुई थी। बाद में उन्हें सूचना मिली कि उनकी होर्डिंग फाड़ दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में राजनीतिक होर्डिंग न लगाने को लेकर उन्हें पहले कभी मंदिर समिति या प्रशासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला था। साथ ही उन्होंने जेई के साथ हुई मारपीट की घटना को पूरी तरह गलत बताया।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि घटना के समय वे परिसर से लौट चुकी थीं और उन्हें इसकी जानकारी बाद में मिली। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण को संज्ञान में ले लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व से पहले हुई इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
