सीतापुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने जनपद सीतापुर में वेतन कटौती, भुगतान में देरी और नियमविरुद्ध कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
वेतन कटौती और भुगतान में देरी से नाराज कर्मचारी
संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जिले में कर्मचारियों के वेतन का 15-15 दिन का भुगतान नियमों के विरुद्ध काटा जा रहा है। साथ ही वेतन भुगतान में लगातार देरी से कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।टर्मिनेशन प्रक्रिया पर भी उठाए सवालकर्मचारियों का कहना है कि किसी एएनएम के कार्य में त्रुटि पाए जाने पर बिना उचित जांच के तत्काल सेवा समाप्त (टर्मिनेशन) की कार्रवाई की जा रही है, जो संविदा नियमावली के विपरीत है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर की कमियों के लिए केवल बीपीएम को जिम्मेदार ठहराकर महीने में दो बार 15-15 दिन का वेतन काटा जाना भेदभावपूर्ण बताया गया।
चेतावनी पत्र और जांच के बाद हो कार्रवाई की मांग
संघ ने मांग की कि यदि किसी कर्मचारी के कार्य में लापरवाही या कमी पाई जाती है तो पहले चेतावनी पत्र जारी कर सुधार का अवसर दिया जाए। इसके बाद ही नियमों के अनुरूप आर्थिक दंड या अन्य कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि दंडात्मक कार्यवाही उचित जांच और पक्ष रखने का अवसर देने के बाद ही लागू की जानी चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मनमानी कार्रवाई पर जल्द रोक नहीं लगी और वेतन भुगतान व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
ये रहे प्रमुख कर्मचारी मौजूद
प्रदर्शन के दौरान अमित शर्मा, डॉ. ओ.एन. वर्मा, डॉ. भूपेंद्र सिंह, बीपीएम अनुज तिवारी, कोहिनूर सिंह, राहुल बाजपेयी, बीसीपीएम शम्भू दयाल, सीएचओ संघ से अतुल पाण्डेय और राम बाबू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
