लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए बजट को “जनविरोधी और जमीनी सच्चाई से दूर” बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में व्यापारियों को कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना सफाई को लेकर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर हालात जस के तस हैं। “कागज़ों में योजनाएं आगे बढ़ रही हैं, जबकि हकीकत में न तो प्रदूषण कम हुआ है और न ही व्यापार को मजबूती मिली है,” उन्होंने कहा।
टूरिज्म और स्मार्ट सिटी पर सवाल
सपा प्रमुख ने पर्यटन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना है कि इन योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास नजर नहीं आता। “स्मार्ट सिटी सिर्फ विज्ञापनों में है, आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा,” उन्होंने तंज कसा।### रोजगार, महंगाई और स्वास्थ्य पर सरकार घिरीअखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में इन बुनियादी मुद्दों के समाधान के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखता।
शिक्षा बजट पर भी उठाए सवाल
शिक्षा क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान का उल्लेख करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि इतनी बड़ी राशि के बावजूद प्रदेश में कई स्कूल बंद हो रहे हैं। “अगर बजट सही दिशा में खर्च होता तो शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती, न कि स्कूलों पर ताले लगते,” उन्होंने कहा।
सत्ता बनाम विपक्ष: बढ़ता टकराव
राज्य के बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां सरकार बजट को विकासोन्मुख और जनहितकारी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाला बता रहा है।आने वाले दिनों में बजट पर बहस और तेज होने के आसार हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल बनी रहेगी।
