कोई नहीं कर रहा था इस परिवार की हेल्प,कांस्टेबल ने कराई 2 बहनों की शादी

गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं कांस्टेबल।

झांसी जिले के ITI के पास आदिवासियों की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली मनीषा और सोनाली बेहद गरीब परिवार की बेटियां हैं। 22 दिसंबर को इनकी शादी होनी थी लेकिन किसी ने मदद नहीं की। ऐसे में एक कांस्टेबल ने 2 बहनों को कन्यादान किया।

इस मौके पर दोनों बहने भावुक हो गई और कहा कि कांस्टेबल अंकल हमारे पिता जैसे हैं।

-डीआईजी ऑफिस में तैनात सिपाही जितेंद्र यादव ने शुक्रवार को दो गरीब लड़कियों का कन्यादान किया और विदाई में उन्हें पूरा गृहस्थी का सामान भी दिया।।

दुल्हन बनी 19 साल की सोनाली ने बताया,

“हमारे मां-बाप के पास इतना पैसा नहीं था कि वह हमारी शादी कर सकते।

” मेरी मां नीरू ने पुलिस वाले अंकल (जितेंद्र) से शादी के लिए मदद मांगी तो उन्होंने हमारा कन्यादान करने का ही निर्णय ले लिया।

-मैं उनको अपने पिता समान मानती हूं उन्होंने हमारी पढ़ाई लिखाई का खर्चा भी उठाया था। वहीं, दूसरी दुल्हन मनीषा ने बताया,

“मैं जितेंद्र सर को कभी नहीं भूल पाऊंगी क्योंकि जब हमारे परिवार में पैसों की तंगी थी तब उन्होंने हमारा कन्यादान किया।”

शहर के सबसे बड़े ब्यूटी पार्लर में तैयार हुईं दुल्हन

-एक सैलून के ऑनर चंद्रेश ने बताया,

“जब हमें पता चला कांस्टेबल जितेंद्र यादव इन गरीब लड़कियों की मदद कर रहे हैं।

मैंने उनसे फोन पर संपर्क किया और कहा दुल्हनों को हम फ्री में तैयार करेंगे और जितेंद्र तैयार हो गए।”

नेता ने की तारीफ

-BJP लीडर चंद्रभान राय ने बताया,

यहां निर्धन और गरीब विशेष समाज की दो कन्याओं की शादी हुई है।

जिनको कराने में हमारे झांसी के पुलिसवाले जितेंद्र ने सहयोग दिया। जितेंद्र हमेशा सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और गरीबों की मदद करते रहते हैं। वह बधाई के पात्र हैं।”

कौन हैं जितेंद्र यादव

-झांसी में डीआईजी ऑफिस की सोशल मीडिया सेल में तैनात सिपाही जितेंद्र यादव को पूर्व में रहे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया था।

-जितेंद्र पिछले कई महीनों से झांसी के प्रदर्शनी ग्राउंड के झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं।

-इसके अलावा उन्होंने लावारिस वृद्ध का अंतिम संस्कार भी किया था। वह समय-समय पर जरुरतमंदों की मदद करते रहते हैं।

लावारिश शवों का अंतिम संस्कार भी करते हैं।

पुलिस महानिदेशक पूर्व जावीद अहमद की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया गया था।

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