सीतापुर में फीस मनमानी पर सख्ती: डीएम की दो टूक—नियम तोड़े तो भारी जुर्माना और मान्यता रद्द


सीतापुर, जनपद में निजी विद्यालयों की फीस वसूली और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर लगाम कसते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने कड़ा रुख अपनाया है। राजकीय इंटर कॉलेज, सीतापुर के सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में माध्यमिक, संस्कृत, CBSE व ICSE बोर्ड से जुड़े विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालय शुल्क निर्धारण केवल शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ही करें। उन्होंने कहा कि अनिवार्य और वैकल्पिक शुल्क का निर्धारण अधिसूचना के अनुरूप होना चाहिए और किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🔹 फीस से जुड़े अहम निर्देश:

  • नए सत्र की फीस का पूरा विवरण सत्र शुरू होने से पहले देना अनिवार्य।
  • बिना DFRC की अनुमति के बीच सत्र में फीस बढ़ोतरी नहीं होगी।
  • साल भर की फीस एक साथ लेना प्रतिबंधित—मासिक/त्रैमासिक/छमाही विकल्प पहले घोषित करना होगा।
  • डोनेशन या कैपिटेशन फीस पूरी तरह प्रतिबंधित।
  • फीस भुगतान पर रसीद देना अनिवार्य।

🔹 अभिभावकों को बड़ी राहत:
डीएम ने साफ कहा कि कोई भी विद्यालय छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। साथ ही ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और टूर जैसी सुविधाओं की फीस तभी ली जाएगी, जब छात्र उनका उपयोग करेगा।

🔹 यूनिफॉर्म बदलने पर भी रोक:
विद्यालय बिना DFRC की अनुमति के 5 साल के भीतर यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे।

🔹 नियम तोड़े तो सख्त कार्रवाई:

  • पहली बार उल्लंघन पर अतिरिक्त फीस वापसी + ₹1 लाख तक जुर्माना
  • दूसरी बार पर ₹5 लाख तक जुर्माना
  • तीसरी बार पर मान्यता रद्द करने की संस्तुति

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनकी मान्यता भी समाप्त की जा सकती है। जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व अनुशासन मजबूत होगा।

Leave a comment