सदर तहसील सभागार में महिलाओं की समस्याओं पर सुनवाई, पिसावां में शक्ति संवाद के जरिए जागरूकता चौपाल भी आयोजित
सीतापुर, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मा० सुजीता कुमारी शुक्रवार को सीतापुर पहुंचीं, जहां उन्होंने सदर तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 19 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़े मामले शामिल रहे।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं और अपनी समस्याएं महिला आयोग के समक्ष रखीं। कई पीड़ित महिलाओं ने अपनी शिकायतें लिखित रूप में भी आयोग को सौंपीं।
इस अवसर पर सुजीता कुमारी ने कहा कि हर पीड़ित महिला को न्याय दिलाना महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से उनका शीघ्र समाधान कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए कार्य करती है। आयोग समय-समय पर जनसुनवाई, जागरूकता कार्यक्रम और निरीक्षण अभियान चलाकर महिलाओं की समस्याओं को समझने और उनके त्वरित समाधान का प्रयास करता है।
महिलाओं को जागरूक रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग होना होगा और अन्याय व अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि महिला आयोग पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ परामर्श, कानूनी सहायता और मानसिक सहयोग भी उपलब्ध कराता है, ताकि कोई भी महिला खुद को अकेला महसूस न करे।
जनसुनवाई के बाद महिला आयोग की टीम ने महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि और शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।
पिसावां में आयोजित हुआ शक्ति संवाद
इसके बाद विकास खंड पिसावां में जनजागरूकता चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। शक्ति संवाद कार्यक्रम में सुजीता कुमारी ने उपस्थित महिलाओं, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सखी, एएनएम तथा ग्रामीणों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए समाज में महिला और पुरुष को समान दृष्टि से देखना आवश्यक है। जिस दिन समाज में दोनों को बराबरी का दर्जा मिलने लगेगा, उसी दिन से वास्तविक महिला सशक्तिकरण की शुरुआत होगी।
कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ।
