प्रतिभागियों ने दिया संदेश “नारी है शक्ति, नारी ही अभिमान
लखनऊ। नव अंशिका फाउंडेशन की ओर से आयोजित नव अंशिका महिला माह के अंतर्गत दूसरे रविवार 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर “नारी एक रूप अनेक” थीम पर स्लोगन और चित्रकला की प्रतियोगिता गोमती नगर विकल्प खंड तीन स्थित प्रतिष्ठित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सम्पन्न हुई।जिसमें नव्या , ईशी,पीहू, मायरा,रितिका, अनुष्का, कायनात,माधव आदि सभी बच्चों ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया ।इसके माध्यम से महिलाओं द्वारा समाज के उत्थान में विभिन्न क्षेत्रों में दी जा रही अनुपम सेवाओं को नमन अर्पित किया गया।
इस क्रम में तीसरे रविवार 15 मार्च को “नारी एक रूप अनेक” थीम पर रंगोली प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी। इन सभी विजेताओं को मार्च माह के अंतिम रविवार 29 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। 29 मार्च को केन्द्रीय कार्यक्रम “नव अंशिका सर्वश्री सम्मान” प्रदान किया जाएगा जिसमें पुरुषों के क्षेत्र में नाम अर्जित करने वाली महिलाओं को अलंकृत किया जाएगा।
नव अंशिका फाउंडेशन संस्था की अध्यक्षा नीशू त्यागी ने बताया कि महिला माह की कड़ी में जहां 1 मार्च को गोमती नगर के रेल विहार कालोनी के घरों में काम करने वाली महिलाओं को “नव अंशिका श्रमदेवी शक्ति सम्मान” दिया गया। वहीं दूसरे रविवार को महिला दिवस के अवसर पर “नारी एक रूप अनेक” थीम पर स्लोगन इसमें चित्रकला की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने “नारी है शक्ति, नारी ही अभिमान, नारी से ही रोशन, यह सारा जहान” और “सशक्त नारी, सशक्त समाज” जैसे प्रेरक संदेश कलम और कूची के माध्यम से रचनात्मक और कलात्मक रूप में दिये। इस अवसर पर नृत्यांगना और मोटिवेटर स्पीकर अंशिका त्यागी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हमेशा नारी को देवी का स्थान दिया है। मार्च माह में ही हम नवरात्र के रूप में पूरे नौ दिन नारी की महिमा का आलौकिक दर्शन भी करेंगे। इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से 27 मार्च तक होंगे। भारतीय संस्कृति में धरती और भारत को ही मां का स्थान नहीं दिया गया बल्कि गंगा जैसी पावन नदियों को भी देवी के रूप में पूजा जाता है। आधुनिक हिंदी साहित्य के एक महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद “नारी तुम केवल श्रद्धा हो” के माध्यम से विश्व को यह संदेश देते हैं कि नारी विश्वास, समर्पण और प्रेम की साक्षात मूर्ति हैं। इस अवसर पर संस्था की उपाध्यक्ष नीरा लोहानी, रेखा शर्मा, चन्द्र प्रभा मायर,गरिमा श्रीवास्तव ,रचना सिंह, पूनम पाण्डेय, ललिता सरीन, आभा कुमार,नम्रता कुमार, रेनू जोशी, पम्मी मायर, सहित कई अन्य विशिष्ट जन उपस्थित रहे। नीशू त्यागी के अनुसार तीसरे रविवार 15 मार्च को “नारी एक रूप अनेक” थीम पर रंगोली प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी। इसमें प्रतिभागियों को अपनी रंगोलियों की तस्वीरें व्हाट्सएप नंबर 9721700025 पर भेजनी होगी। इसी दिन फैशन कम्पटीशन का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें घरेलू महिलाओं को “नारी एक रूप अनेक” थीम पर सुसज्जित होकर अपनी तस्वीरें व्हाट्सएप नंबर 9721700025 पर भेजनी होगी। इसके विजेताओं को 29 मार्च के सम्मान समारोह में रैंप वॉक का अवसर भी मिलेगा।चौथे रविवार 22 मार्च को शिक्षा, खेल, कला आदि क्षेत्र में यश अर्जित करने वाली “यूपी की सशक्त बेटियों” को “नव अंशिका तेजस्वनी सम्मान” से अलंकृत दिया जाएगा।
इसका मकसद उनकी उपलब्धियों के माध्यम से दूसरों का मार्गदर्शन करना है। चूंकि आठ मार्च महिला दिवस को समर्पित है इसलिए आठ हस्तियों का चयन किया जाएगा।अंतिम रविवार 29 मार्च को पुरुषों के क्षेत्र में नाम अर्जित करने वाली महिलाओं को “नव अंशिका सर्वश्री सम्मान” से अलंकृत किया जाएगा। इसमें भी आठ महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर महिला माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के उपस्थित विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। “शक्तिस्वरूपा उत्सव” के लिए हेल्पलाइन का नम्बर “9721700025” है। इसके माध्यम से इस आयोजन और प्रतिभागिता के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।संयोजक दबीर सिद्धिकी ने महिला दिवस के इतिहास के बारे में जानकारी दी कि अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर, यह दिवस सबसे पहले 28 फरवरी 1909 को मनाया गया था। उसके बाद यह फरवरी के आखिरी इतवार के दिन मनाया जाने लगा। साल 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। साल 1917 में रूस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल की जिसके परिणाम स्वरूप ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया। ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार वह दिन 8 मार्च था। ऐसे में साल 1921 में 8 मार्च महिला दिवस के रूप में विश्व स्तर पर मनाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम ‘गिव टू गेन’ है।
