सीतापुर। शहर के मोहल्ला शास्त्री नगर में गंदगी और अव्यवस्था ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नालियां कूड़े से पटी हैं, जगह-जगह प्लास्टिक, सड़ी-गली सामग्री और घरेलू कचरा फैला हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि 9 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीतापुर आगमन से ठीक एक दिन पहले बिजली का एक खंभा हटाकर सीधे नाली में डाल दिया गया। इससे जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई और नालियों का गंदा पानी सड़कों व घरों के आसपास जमा होने लगा।
नाली में पड़े बिजली के खंभे और जमा कचरे के कारण इलाके में बदबू के साथ-साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। मोहल्ले में आवारा पशु कूड़े में मुंह मारते नजर आते हैं, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका और गहरा गई है।
निवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान केवल औपचारिक साफ-सफाई कर दी गई थी, लेकिन दौरा समाप्त होते ही व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं और शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अब शास्त्री नगर के लोग सवाल उठा रहे हैं कि
- नगर पालिका प्रशासन नियमित सफाई और कचरा निस्तारण में आखिर क्यों नाकाम है?
- क्या जिला प्रशासन को जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही?
- बिजली विभाग ने किसके आदेश पर खंभा हटाकर नाली में डलवाया और अब तक उसे हटाया क्यों नहीं गया?
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि नाली से तुरंत बिजली का खंभा हटाया जाए, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि मोहल्ले को इस गंदगी और खतरे से निजात मिल सके।
