बहराइच। जनपद के दिव्यांग बच्चों को अब बेहतर इलाज और थेरेपी के लिए दिल्ली या लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आज ‘बाबा सुंदर सिंह बधिर विद्यालय’ के प्रांगण में ‘बाबा सुंदर सिंह चाइल्ड डेवलपमेंट एंड ऑटिज्म रिहैबिलिटेशन सेंटर’ का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ।



न्यायिक गरिमा की उपस्थिति में शुभारंभ
इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि जुडिशल मजिस्ट्रेट आदरणीय प्रिया राय जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। केंद्र के निर्माण और परिकल्पना को धरातल पर उतारने में ए.डी.जे. कविता निगम मैम का अभूतपूर्व और मार्गदर्शक सहयोग रहा, जिनकी प्रेरणा से यह केंद्र आज सेवा के लिए तैयार है।
विशिष्ट अतिथियों का मिला सानिध्य ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनिल गोयल एवं श्रीमती अर्चना जैन उपस्थित रहीं। साथ ही, केंद्र की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विशिष्ट सहयोगी:
- रागिनी श्रीवास्तव एवं अखिलेश श्रीवास्तव
- अनिल कुमार सिंह एवं अवनीश श्रीवास्तव
- गोपीकांत शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएँ
इस थेरेपी सेंटर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा (Mainstream) से जोड़ना है। यहाँ वे सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके लिए अब तक अभिभावकों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था।
उपलब्ध प्रमुख सेवाएँ: - स्पीच थेरेपी: वाक शक्ति में सुधार के लिए।
- ऑक्यूपेशनल थेरेपी: बच्चों के शारीरिक और मानसिक कौशल विकास के लिए।
- कान की जांच: अत्याधुनिक मशीनों द्वारा श्रवण क्षमता का परीक्षण।
प्रख्यात विशेषज्ञों की टीम
पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय के विख्यात विशेषज्ञ अपनी सेवाएँ देंगे, जिनमें मुख्य रूप से: - असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेंद्र कुमार
- डॉ. चंद्र किशोर
- डॉ. मणि रत्नम
“बहराइच के लिए यह केंद्र एक वरदान है, जहाँ एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की दिव्यांगताओं के लिए पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध होंगी।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त स्टाफ और प्रबंध समिति का विशेष योगदान रहा। इस केंद्र की शुरुआत से जनपद के सैकड़ों परिवारों में आशा की एक नई किरण जगी है।
