वाराणसी: विजया एकादशी की संध्या पर काशी शिवमय हो उठी, जब बाबा विश्वनाथ दूल्हा स्वरूप में सजे। बांसफाटक से टेढ़ीनीम तक निकली भव्य शोभायात्रा में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे। 52 थालों में चढ़ावे के साथ पंचबदन चल प्रतिमा पर विधिविधान से हल्दी अर्पित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, लोकगीतों और नवरत्न जड़ित छत्र के नीचे सजे राजसी श्रृंगार ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में शिव विवाह उत्सव की औपचारिक शुरुआत मानी गई, जिसे देखने देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
