मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे में भक्ति, शक्ति और सेवा का अद्भुत संगम आज ठाणे के वागले एस्टेट स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में देखने को मिला। ‘बाबा विश्वनाथ मित्र मंडल’ द्वारा आयोजित मंदिर के 20वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में हनुमान नगर का पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूँज उठा।
अखंड रामायण के बाद महाप्रसाद की धूम !
उत्सव की शुरुआत 13 फरवरी को अखंड रामायण पाठ के साथ हुई, जिसके समापन के बाद आज 14 फरवरी को विशाल महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया गया। शनिवार शाम 8 बजे से ही भोजन वितरण का कार्यक्रम शुरू हो गया, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा।
भक्तों के लिए परोसे गए भोजन में दाल-चावल, गरमा-गरम पूड़ी-भाजी के साथ प्रसाद के रूप में हलवा और फल वितरित किए गए। विशाल भंडारे में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी पंगत में बैठकर बड़े ही प्रेम से बाबा का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
सामुदायिक एकता और सेवा का जज्बान !
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए बाबा विश्वनाथ मित्र मंडल की पूरी टीम और स्थानीय महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर सेवा में जुटी रहीं। जहाँ पुरुष सदस्य भोजन परोसने और व्यवस्था संभालने में व्यस्त थे, वहीं महिलाएं मंदिर परिसर में पूड़ियाँ बेलने और भोजन तैयार करने में अपना योगदान दे रही थीं।
इन प्रमुख सदस्यों का रहा विशेष योगदान !
इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में मंडल के अध्यक्ष श्री विनोद श्रीराम यादव, संचालक श्री लल्लन यादव व श्री विनोद कुमार यादव के साथ एक बड़ी टीम का अथक प्रयास रहा। सेवा कार्य में मुख्य रूप से: श्री लल्लन एस. यादव, श्री विनोद एस. यादव, श्री अशोक यादव, श्री अनिल यादव, श्री राजेश यादव।
श्री अंकित उपाध्याय, श्री मणिकांत मिश्रा, श्री मनीष यादव, श्री अरविंद यादव, श्री रामलाल स्वरोज ! श्री मुन्ना यादव, श्री जोधन यादव, श्री रमेश यादव, श्री सुदर्शन यादव। श्री रामबचन यादव, श्री विजय यादव, श्री राजू यादव, श्री केशराज भाई, श्री राजकुमार यादव। श्री मिन्टु यादव, श्री राम भवन, श्री श्याम भवन, श्री दया यादव, श्री बेचन प्रसाद यादव। श्री नागेंद्र यादव और आशीष यादव जैसे सक्रिय सदस्यों ने पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
दो दशकों की अटूट आस्था !
सन 1999 में स्थापित यह मंदिर आज वागले एस्टेट रोड नं. 28 की पहचान बन चुका है। 20 सालों का यह सफर भक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रमाण है। मंडल के सदस्यों ने बताया कि बाबा विश्वनाथ के प्रति लोगों का विश्वास ही है कि हर साल यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
देर रात तक चले इस भंडारे में हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।
